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दरबार आती हूँ

तेरे होते क्यों दादी मैं हार जाती हूँ भजन लिरिक्स

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हर बार मैं खुद को,लाचार पाती हूँ,तेरे होते क्यों दादी,मैं हार जाती हूँ,तेरे होते क्यो दादी,मैं हार जाती हूँ।। हर कदम पे क्या यूँ ही,मैं… Read More »तेरे होते क्यों दादी मैं हार जाती हूँ भजन लिरिक्स