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तर्ज – थारे सेठ जी रो सेठ।

दादी इतनी किरपा करिये दर पे आवता रवा भजन लिरिक्स

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दादी इतनी किरपा करिये,दर पे आवता रवा,मैं तो थारे दरबार से,माँ मांगता रवा।। थोड़ो थोड़ो देवोगा तो,बार बार आवाँगा,दादी थाने मीठा मीठा,भजन सुनावांगा,म्हारी झोली इतनी… Read More »दादी इतनी किरपा करिये दर पे आवता रवा भजन लिरिक्स