Top 10 Shri Ram Ji Hindi Bhajan Lyrics

Top 10 Shri Ram Ji Hindi Bhajan Lyrics

हे रोम रोम मे बसने वाले राम, जगत के स्वामी

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हे रोम रोम मे बसने वाले राम,
जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी, मे तुझ से क्या मांगूं।

आप का बंधन तोड़ चुकी हूं, तुझ पर सब कुछ छोड़ चुकी हूं।
नाथ मेरे मै क्यूं कुछ सोचूं तू जाने तेरा काम॥

तेरे चरण की धुल जो पायें, वो कंकर हीरा हो जाएँ।
भाग मेरे जो मैंने पाया, इन चरणों मे ध्यान॥

भेद तेरा कोई क्या पहचाने, जो तुझ सा को वो तुझे जाने।
तेरे किये को हम क्या देवे, भले बुरे का नाम॥

हे राम हे राम जग में साचो तेरो नाम

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हे राम, हे राम
जग में साचो तेरो नाम
हे राम, हे राम

तू ही माता, तू ही पिता है
तू ही तो है राधा का श्याम
हे राम, हे राम

तू अंतर्यामी, सबका स्वामी
तेरे चरणों में चारो धाम
हे राम, हे राम

तू ही बिगड़े, तू ही सवारे
इस जग के सारे काम
हे राम, हे राम

तू ही जगदाता, विश्वविधता
तू ही सुबह तू ही शाम
हे राम, हे राम

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊं गली गली
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राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊं गली गली।
ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली॥

दोलत के दीवानों सुन लो एक दिन ऐसा आएगा,
धन योवन और रूप खजाना यही धरा रह जाएगा।
सुन्दर काया माटी होगी, चर्चा होगी गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली॥

प्यारे मित्र सगे सम्बंधी इक दिन तुझे भुलायेंगे,
कल तक अपना जो कहते अग्नि पर तुझे सुलायेंगे।
जगत सराय दो दिन की है, आखिर होगी चला चली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली॥

क्यूँ करता है तेरी मेरी, छोड़ दे अभिमान को,
झूठे धंदे छोड़ दे बन्दे जप ले हरी के नाम को।
दो दिन का यह चमन खिला है, फिर मुरझाये कलि कलि,
ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली॥

जिस जिस ने यह हीरे लुटे, वो तो मला माला हुए,
दुनिया के जो बने पुजारी, आखिर वो कंगाल हुए।
धन दौलत और माया वालो, मैं समझाऊं गली गली,
ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली॥

राम तुम बड़े कृपालु हो शाम तुम बड़े दयालु हो

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राम तुम बड़े कृपालु हो, शाम तुम बड़े दयालु हो।
नाथ तुम बड़े दयालु हो, प्रभु जी तुम बड़े कृपालु हो॥

और न कोई हमारा है, मुझे इक तेरा सहारा है।
कि नईया डोल रही मेरी, प्रभु जी तुम करो न अब देरी॥

तेरा यश गाया वेदों ने, पार नहीं पाया वेदों ने।
नेती नेती गाया वेदों ने, सदा ही धिआया वेदों ने॥

भले हैं बुरे हैं तेरे हैं, तेरी माया के घेरे हैं।
चरण के हम सब चेरे हैं, प्रभु जी हम बालक तेरे हैं॥

तुम्हारा नाम मिले भगवन, सुबह और शाम मिले भगवन।
भक्ति का दान मिले भगवन, कि आठों याम मिले भगवन॥

सहारा भक्तों के हो आप, मिटाते हो सब के संताप।
करें जो भक्ति भाव से जाप, मिटे सब जन्म जन्म के पाप॥

मेरी छोटी सी है नाव, तेरे जादू भरे पांव

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मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में,
तुम हो सबके तारणहार,
कर दो मेरा बेड़ा पार,
सुनो मेरे सरकार,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

इक पत्थर से बन गई नारी,
लकडी की है नाव हमारी,
चलता उससे रोजगार,
पालूँ मेरा परिवार,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

इक बात मानो तो बैठालूँ,
तेरे चरणों की धूल निकालू,
अगर होवे मंजुर,
सुनो मेरे हुजुर,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

बड़े प्रेम सहित पग धोता,
सब पाप जनम के खोता,
होवे मन में प्रसन्न,
करे राम दर्शन,
संग सीता लक्ष्मण,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

वो तो फूलों की भेंट चढ़ाता,
वो तो चरणामृत को लेता,
ऐसा समय बारबार,
नहीं आए सरकार,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

धीरे धीरे से नाव चलाता,
गीत मन में खुशी का गाता,
सूरज ना डूबे क्षीण में,
राम ना जाए वन में,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

मल्लाह ले लो नाँव उतराई,
मेरे पल्ले कुछ नहीं भाई,
ये तो कर लो स्वीकार,
तेरी होगी जय जयकार,
सुनो केवट की पुकार,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में,
तुम हो सबके तारणहार,
कर दो मेरा बेड़ा पार,
सुनो मेरे सरकार,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम

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रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम।

सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम॥

भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम।

जानकीरमणा सीताराम
जयजय राघव सीताराम॥

रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम॥

मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम

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मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम
द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ
मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

इस जग ने मुझको ठुकराया मीत कोई न तुमसा पाया
दुःख संताप मिटाकर मेरे नज़र दया की फेरो राम मेरे राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

जब जब जिसने तुम्हे पुकारा पल में आकर दीआ सहारा
बनकर चाकर रहूँ आपकी सेवा में हर पल निछकाम मेरे राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

चरण धुल की महिमा न्यारी शूहत पाव सिला भई नारी
और न कुछ मैं तुमसे चाहूँ निज चरनन में ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम
द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

मिलता है सच्चा सुख केवल, प्रभु राम तुम्हारे चरणों में

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मिलता है सच्चा सुख केवल,
प्रभु राम तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

चाहे बैरन सब संसार बने,
चाहे मौत भी मुझ पे भार बने,
चाहे मौत गले का हार बने,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

हो चाहे अग्नि में मुझे जलना हो,
चाहे काटो पे मुझे चलना हो,
चाहे छोड़ के देश निकलना हो,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो,
चाहे चारो ओर अँधेरा हो,
पर मन ना डगमग मेरा हो,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

हो जिव्हा पर तेरा नाम रहे,
तेरी याद सुबह और शाम रहे,
तेरी याद में आठों याम रहे,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
श्री राम तुम्हारे चरणों में,

श्री राम तुम्हरे चरणों में,
हे राम तुम्हारे चरणों में,

रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में,

मिलता है सच्चा सुख केवल,
प्रभु राम तुम्हारे चरणों में।।

पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम

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पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।।

तिरना क्या जाने, पत्थर बेचारे,
तिरने लगे तेरे, नाम के सहारे,
नाम लिखते आ गए है, पत्थर में प्राण,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।
पार होगा वहीँ, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।।

लंका जलाई, लांघा समुन्दर,
राक्छस को मार आया, छोटा सा बन्दर,
बस जपता रहा, दिन रात तेरा नाम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।
पार होगा वहीँ, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।।

सुनकर के बाते, मुस्काए राम जी,
मारे ख़ुशी के नाचे, हनुमान जी,
भक्त देखा ना, बनवारी तेरे समान,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।
पार होगा वहीँ, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।।

पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा।

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

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दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

जब से रामायण पढ़ ली है,
एक बात मैंने समझ ली है

रावण मरे ना श्री राम के बिना,
लंका जले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

लक्ष्मण का बचना मुश्किल था,
कौन बूटी लाने के काबिल था

लक्ष्मण बचे ना श्री राम के बिना,
बूटी मिले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

सीता हरण की कहानी सुनो,
बनवारी मेरी जुबानी सुनो

वापस मिले ना श्री राम के बिना,
पता चले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

बैठे सिंहासन पे श्री राम जी,
चरणों में बैठे हैं हनुमान जी

मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना,
भक्ति मिले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,
राम जी चले ना हनुमान के बिना

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