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Top 10 Rajasthani Satsang Bhajan Lyrics

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Top 10 Rajasthani Satsang Bhajan Lyrics lyrics in hindi ,

चार नयन समझाऊ पियाजी पर घर प्रीत मत करना भजन लिरिक्स इन हिंदी

शाखी:

“सत्संग की आधी घडी, और सुमिरण वर्ष पचास
वर्षा बरसे एक घडी, अरहट बारा मॉस

तो सिमुरण में मन लगाइए, जैसे कामी काम में
एक पलक बिसरे नहीं, निज दिन आठो आठ”

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत ना करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

वारी रे वारी मारा सतगुरु स्वामी, दिल का भेद ना देना जी
चार कोण में रमे जोगीड़ा, बालक स्मरण रहना जी

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

यारी तो मर्दों की यारी, क्या तिरया की यारी जी
पल में रुलावे, पल में हसावे, पल में केद करावे जी

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

पर नारी से प्रीत ना करियो, ना लगाइयो अंगा जी
दसो सीस रावण के कट गये

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

गगन मंडल थी गाय आई, धरणी में दूध जमायो जी
सब संतो मिल मन्थन किया, माखन जोत जलाया जी

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

गगन मंडल में उधम धतूरा, ता अमी का वासा जी
सुगरा होय तो, भर भर पीवे नुगरा प्यासा जाता जी
चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

कहे कबीर सुनो भाई साधो, यह वात है निर्वाणी
इसी बात की करे खोजना, उसे समझना भ्रम ज्ञानी

चार नयन समझाऊ पियाजी, पर घर प्रीत मत करना जी
इसी बूंद से हिरा निपजे, सो पर घर नहीं देना जी ||टेर||

|| कबीर दास जी महाराज की जय हो ||

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हरी की भक्ति बिना धिक्कार मारवाड़ी भजन लिरिक्स सुखीया बाई का भजन

rajasthani bhajan lyricsहरी की भक्ति बिना धिक्कार मारवाड़ी भजन लिरिक्स सुखीया बाई का भजन
संत सुखिया बाई के मारवाड़ी भजन,
हरी की भक्ति बिना धिक्कार मारवाड़ी भजन लिरिक्स:

शाखी:

नमो नमो गुरुदेव जी, नमो नमो सब संत
जन दरिया वन्दन करे, नमो नमो भगवंत

हाथ जोड़ विनती करू धरु चरणों में सीस
ज्ञान भक्ति मुझे दीजिए, परम पिता जगदीश

भक्ति करे पाताल में, प्रकट होए आकाश
रजत तिलों लोक में, छुपे ना हरी का दास

काल सरायो रेणुका, बंधी नज़र की पोट
तुलसी तेरी भक्ति में रति ना चाले खोट

गुरु महिमा भजन लिरिक्स

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

मिले सब प्रथ्वी भर को राज, होवे सब भूपन में सिरताज
गोगेसवर स्वर्ग पाताल को राजा, तो भी भक्ति बिना धिक्कार

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

सुन्दर भजन मनोहर होई, शक्ति सत्रुता मन ती होई
जीवे कोटि कलप अति कोई, भक्ति बिना धिक्कार

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

सिमरण होवे मेरु समाना, पावे सब रत्नों की खाना
जिनका अकूट होवे खजाना, तो भी भक्ति बिना धिक्कार

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

होवे 14 विधिया निधाना, जिनका दसो दिशा में मान
पूर्ण सकल कला विद्वान, तो भी भक्ति बिना धिक्कार

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

धन और जोवन विद्या सारा, इस से होवे नहीं निस्तारा
अचल राम झुटा सब संसारा,

हर की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे
प्रभु की भक्ति बिना धिक्कार, जगत में जीवन रे ||टेर||

जीवना रे जगत में, बेकार सवारे की भक्ति बिना जीना बेकार

|| जय गुरुदेव की जय ||

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मत दीजो मावली ने दोष कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी मारवाड़ी भजन लिरिक्स

rajasthani bhajan lyricsमत दीजो मावली ने दोष कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी मारवाड़ी भजन लिरिक्स

वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी
वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ||टेर||

ओ भाई रे एक माता रे पुत्र चार, चारो री करणी न्यारी न्यारी
पहलों रो है राजा रे दरबार, दुजुड़ो हीरा पारखी
तीजोडो बिणजारी रे हाथ, चौथोड़ो फेरे पुडिया

वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी
वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ||टेर||

ओ भाई रे एक माटी रा बर्तन चार, चारो री करणी न्यारी न्यारी
पहलों डो दहीडो पिलोय, बिजोड़ो मचाना चालिया
तिजोड़ो पनिहारी रे सीस, चौथोड़ो जल जमना गयो

मत दीजो मावली ने दोष कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी
कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ||टेर||

एक गाऊ माँ रे बछड़ा चार, चारो री करनी न्यारी न्यारी
पहलोड़ो सूरज जी वालो सांड, दुजोडो सिमरो नान्दियो
तिजोड़ो घाणी वालो बेल, चौथोड़ो बिन्जारे लादियो

भाई रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी
वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ||टेर||

ओ भाई रे एक बेल रा तुम्बा चार, चारो री करणी न्यारी न्यारी
पहलो ड़ो सतगुरु वाले हाथ, दूजो डो जमना हालियों
तीजो डो तुम्बुडा री बेल, चौथो दो भिक्षा मांग रयो

भाई रे कह गया कबीर दास, कर्मा रा भारा न्यारा न्यारा

भाई रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी
वीरा रे मत दीजे मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी

कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी

कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी

|| कबीर दास जी महाराज की जय हो ||

न्यारी मारवाड़ी भजन लिरिक्स:

https://www.youtube.com/watch?v=LmoXELse4zQ

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जिसने जाना भ्रम को तन में मारवाड़ी भजन लिरिक्स सुखिया बाई

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जिसने जाना भ्रम को तन में मारवाड़ी भजन लिरिक्स
मारवाड़ी भजन लिरिक्स: जिसने जाना भ्रम को तन में
गायक: सुखिया बाई
श्रेणी : निर्गुणी भजन लिरिक्स
जिसने जाना भ्रम को तन में सुखिया बाई भजन

साखी:
में मेरे स्वरूप में सदा रहू गल्तार
फिर दुनिया में क्या पड़ा ये घोड़ा मैदान
मेरी मुझको नमस्कार, बार बार हर बार
ओत पोत में एक है, यही हमारा सार


जिसने जाना भ्रम को तन में, अल मस्त रहे नित मन में
मस्त रहे नित मन में ओ वो मस्त रहे तन में ||टेर||

पूर्ण भ्रम पह्चानिया पीछे, घर में रहो चाहे वन में
संतो घर में रहो चाहे वन में
उसके दोनों एक बराबर, फकड़ बनो चाहे जग में

जिसने जाना भ्रम को तन में, अल मस्त रहे नित मन में
मस्त रहे नित मन में ओ वो मस्त रहे तन में ||टेर||

बोले चाले उठे बेठे, रहे वो अपनी धुन में संतो
पार भ्रम से तार नहीं तोड़े, हर दम रहे हरी गम में

जिसने जाना भ्रम को तन में, अल मस्त रहे नित मन में
मस्त रहे नित मन में ओ वो मस्त रहे तन में ||टेर||

जिसको डोरी लगी भ्रम से, वो नहीं आवे बंदन में संतो
जल कमल वत, रहे जग में, फसे नहीं बंदन में

जिसने जाना भ्रम को तन में, अल मस्त रहे नित मन में
मस्त रहे नित मन में ओ वो मस्त रहे तन में ||टेर||

आवास दिनों का ज्ञानी शाक्षी, सुख पती जाग्रत सपन में
अचल राम तुरिया है सोही, समझ रहे हो मगन में संतो

जिसने जाना भ्रम को तन में, अल मस्त रहे नित मन में
मस्त रहे नित मन में ओ वो मस्त रहे तन में ||टेर||

|| सतगुरु देव की जय हो ||

https://www.youtube.com/watch?v=CkuEjss5NOA

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बिणजारी ऐ हँस हंस बोल प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी मारवाड़ी भजन लिरिक्स हिंदी नीता नायक

rajasthani bhajan lyricsबिणजारी ऐ हँस हंस बोल प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी मारवाड़ी भजन लिरिक्स हिंदी नीता नायक
मारवाड़ी भजन लिरिक्स: बिणजारी ऐ हँस हंस बोल
गायक: नीता नायक भजन
श्रेणी : कबीर भजन लिरिक्स

ओ माने परदेशी मत जान, ओ माने पराई मत जान
बातो थारी रह जासी ||टेर||

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी
कंठी माला काड डी रे, जायमे रेशमी सूत

सूत बिचारा क्या करे, कापन वाला रे कपूत
बाता थारी रह जासी,

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी ||टेर||

रामा थारे नाम री मोड़ी पड़ी रे पहचान,
कही दिन बिना बालपन में कही दिन बिता रे अजान, बाता थारी रह जासी

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी ||टेर||

रामा थारे बाग़ में लाम्बा पेड़ खजूर, छडे तो छाके प्रेम रस
पड़े तो चकनाचूर, बाता थारी रह जासी

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी ||टेर||

बाल पाणे बाजियों नहीं रे, कियो नहीं हरी से हेत
अब पछतावे क्या होवे, चिड़िया चुग गयी खेत

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, प्यारी प्यारी बोल बाता थारी रह जासी ||टेर||

बाडद थारी लुट गयी रे, डाँडो लढ गयो भार
रामानंद रो भने कबीरो, बेठो मोज मा

बिणजारी ऐ हँस हंस बोल, मतवाली ओ प्यारी प्यारी बोल
हस हस बोल बाता थारी रह जासी ||टेर||

|| कबीर साहेब की जय हो ||

https://www.youtube.com/watch?v=817WOL9gN8g

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भरदे मायरो सांवरिया नानी बाई को लिरिक्स मारवाड़ी भजन | रे बनवारी आज मायरो

rajasthani bhajan lyricsभरदे मायरो सांवरिया नानी बाई को लिरिक्स मारवाड़ी भजन | रे बनवारी आज मायरो
नाई बाई भजन लिरिक्स: भरदे मायरो सांवरिया नानी बाई को
गायक: देवीदासजी वैष्णव
श्रेणी : नानी बाई रो मायरो भजन लिरिक्स

आरे आसरो छोड़ आसरो लीणो कवर कन्हिया को
हें बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो ||टेर||

असुर शारू भक्त उबारन चार वेद महिमा गाई
जहा भीड़ पड़ी भक्तो पर तहा तहा आप करी सहाई

प्रथ्वी लाकर स्ष्ट्री रचाई, बार हो सतयुग माई
असुर मार प्रहलाद बचायो, प्रकट भयो खब्मे माई
बावनी बन बली छल लीणो, कियो काम ठगाई को

बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो
आरे आसरो छोड़ आसरो लीणो कवर कन्हिया को
हें बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो ||टेर||

कच्छ मच्छ अवतार धार कर, सुर नर की इच्छा पूरी
आधी रेन गजराज पुकारियो, गुरुड छोड़ पहुचे हरी

भस्मा सुर को भसम कियो तब सुन्दर रूप बने हरी
नारद की नारी छल लीनी जाकर आप चढ़ चवरी

असुर से अम्रत ले लीणो कीनो वेस लुगाई को
हें बनवारी, हें गिरधारी आज भरनो मायरो नेनी बाई को

आरे आसरो छोड़ आसरो लीणो कवर कन्हिया को
हें बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो ||टेर||

परशुराम श्री राम चन्द्र हो गोतम की नारी तारी
भीलनी के फल झूट खाए,संका व्याग दिनी सारी

कर्मा के घर खिचड खायो तार अधम गनिको नारी
सेन भक्त रा सासा मेटिया रूप बनायो हरी नाई रो

हें बनवारी, हें गिरधारी आज भरनो मायरो नेनी बाई को
आरे आसरो छोड़ आसरो लीणो कवर कन्हिया को
हें बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो ||टेर||

नामदेव, रैदास, कबिरो, धनो भक्त को खेत भरियो
दुर्योधन का मेवा त्याग्या संग विदुर घर पान कियो

प्रीत लगाकर गोपी टार गई मीरा बाई काज सर्गो
चीर बढायो द्रोपती को, दुशाषण को मान घाटियों
कहे नर्सिलो सुनो सावरो करदो काम भलाई को

हें गिरधारी ये सावरा आज मायरो भरनो नेनी बाई को

आरे आसरो छोड़ आसरो लीणो कवर कन्हिया को
हें बनवारी आज म्हारो, भरदे नेनी बाई रो मायरो ||टेर||

|| राधे गिरधारी की जय हो ||

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भरदे मायरो सांवरिया नानी बाई को:

Hiye Kaya Mein Maati Baani hindi lyrics Mooralal Marwada

कबीर भजन लिरिक्स: हिय काया में बर्तन माटी रो हिए देह में बर्तन माटी को
गायक: मुरालाल मारवाडा भजन
श्रेणी : चेतावानी भजन लिरिक्स
हिय काया में बर्तन माटी रो भजन लिरिक्स विडियो मूरालाल मारवाडा:
हिये काया में बर्तन माटी रो भजन लिरिक्स

हिए काया में बर्तन माटी रो, हिए देह में बर्तन माटी को
फूटे जदी नहीं कर रन्को हो साहेब हमको हम को डर लगे एक दिन को ||टेर||

ओ रे साहेब हमको दर लागे एक दिन रो रे घडी पलक रो
नहीं भरोसो हमको एक दिन को रे साहब हमको डर लागे

हिए काया में बर्तन माटी रो, हिए देह में बर्तन माटी को
फूटे जदी नहीं कर रन्को हो साहेब हमको हम को डर लगे एक दिन को ||टेर||

हिए काया में माला मोतीयो की, माला मोती की
टूटी काया में माला मोती की, टूटी जस डोरों रूडो तन को रे
ओ रे साहेब हमको डर लागे एक दिन रो रे घडी पलक रो

हिए काया में बर्तन माटी रो, हिए देह में बर्तन माटी को
फूटे जदी नहीं कर रन्को हो साहेब हमको हम को डर लगे एक दिन को ||टेर||

कहत कबीरा, सुनो भाई साधो, पहला है रे नाम अलख का
ओ रे साहब हमको डर लागो एक दिन को रे

हिए काया में बर्तन माटी रो, हिए देह में बर्तन माटी को
फूटे जदी नहीं कर रन्को हो साहेब हमको हम को डर लगे एक दिन को ||टेर||

|| साहेब बंदगी कबीर साहेब की जय हो ||

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राम हिरदा में बाहर क्यों भटके भजन लिरिक्स कबीर भजन तारा सिंह डोडवे

Tara Singh Dodve bhajanराम हिरदा में बाहर क्यों भटके भजन लिरिक्स कबीर भजन तारा सिंह डोडवे
कबीर भजन लिरिक्स: राम हिरदा में बाहर क्यों भटके
गायक: तारा सिंह डोडवे
श्रेणी : चेतावानी भजन लिरिक्स

साखी:

“राम राम सब कहे, कहो जी राम का रूप कैसा

कोनसी कोठडी कोनसे दरवाजे में राम है रहता
दीखता है नारी पुरुष एक ही बाना, त्रिकुटी महल में घड़ा है थाना
कहे कबीर प्रतीत कर बावरे राम का रूप तो कोई विरले ही जाना”


क्यों भटके रे बाहर क्यों भटके, थारो राम हिरदा में बाहर क्यों भटके ||टेर||

ऐसा ऐसा माखन तो दूध में कहिए, बिना मथिये माखन कैसे निकले
थारो राम हिरदा में बहार क्यों भटके
क्यों भटके रे बाहर क्यों भटके, थारो राम हिरदा में बाहर क्यों भटके ||टेर||

ऐसी एसी आग तो लकड़ी में कहिए, बिना घिसिए आग कैसे निकले
थारो राम हिरदा में बहार क्यों भटके
क्यों भटके रे बाहर क्यों भटके, थारो राम हिरदा में बाहर क्यों भटके ||टेर||

ऐसा ऐसा रस तो गीख में कहिए, बिना पीलिए रस कैसे निकले
थारो राम हिरदा में बहार क्यों भटके
क्यों भटके रे बाहर क्यों भटके, थारो राम हिरदा में बाहर क्यों भटके ||टेर||

||संत कबीर साहेब की जय हो ||

राम हिरदा में बाहर क्यों भटके भजन तारा सिंह डोडवे-chetawani bhajan lyricskabir bhajan lyricsmarwadi bhajan Lyricsrajasthani bhajan lyricsTara Singh Dodve bhajan

अब के बचाले मेरी माय बटाऊ आयो लेवण ने भजन लिरिक्स अनिल नागौरी | चेतावनी भजन

अब के बचाले मेरी माय बटाऊ आयो लेवण भजन
कबीर भजन लिरिक्स: अब के बचाले मेरी माय बटाऊ आयो लेवण
गायक: अनिल नागोरी
श्रेणी : चेतावानी भजन लिरिक्स
rajasthani bhajan lyricsअब के बचाले मेरी माय बटाऊ आयो लेवण ने भजन लिरिक्स अनिल नागौरी | चेतावनी भजन

साखी

आया है सो जायेगा रजा रंक फकीर,
एक सिहासन चढ़ चले, एक बंधे जंजीर


बटाऊ आयो लेवण भजन लिरिक्स

ओ म्हाने अबके बचा ले म्हारी माँ
बटाऊडो आयो लेवण ने ||टेर||

पांच कोटडी ने दस दरवाजा, इस मंदिर के माय
लुकती छुपती में फिरू, किण बिंध छोड़े बैरी ना आया

बटाऊडो आयो लेवण ने,
ओ म्हाने अबके बचा ले म्हारी माँ
बटाऊडो आयो लेवण ने ||टेर||

हाथ जोड़ कन्या कहें रे, सुन मायड महरी बात
अबके तो बटाऊडा ने पाछो कर दे,

फिर चालुंगी थारे साथ, बटाऊडो आयो लेवाणें
ओ म्हाने अबके बचा ले म्हारी माँ
बटाऊडो आयो लेवण ने ||टेर||

सावन का दिन बित गया, आयी तीज परभार
रमन खेलन की मन में रह गयी, छोडोयो सहेलियों को साथ

ओ मने अबके बछाले म्हारी माँ
बटाऊडो आयो लेवण ने ||टेर||

माता पिता और कुटम्ब कबीलों फेरो सर पर हाथ
पांच भाई की बहन लाडली, कोई ना चालयो बिन रे साथ

ओ मने अबके बछाले म्हारी माँ
बटाऊडो आयो लेवण ने ||टेर||

कहत कबीर सुनो भाई संतो, क्यों सासरिये जाए
इस सासरिये सब नहीं जानो लेलो रामजी को नाम

बटाऊडो आयो लेवण ने
ओ मने अबके बछाले म्हारी माँ , बटाऊ डो आयो लेवण ने ||टेर||

||बोलो कबीर दास जी महाराज की जय हो ||

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बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी लिरिक्स download | इंद्रा शर्मा भजन | बाबा रामदेव जी के भजन लिरिक्स

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी लिरिक्स इंद्र शर्मा भजन:
रामापीर भजन लिरिक्स: बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी
गायक: इंद्र शर्मा
श्रेणी : बाबा रामदेव भजन लिरिक्स

साखी:

“महिमा गावा रामदेव री सुन्यो ध्यन लगाए

जन्म जन्म रा पाप कटे, दुःख दाड़ी कट जाए”


बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी भजन लिरिक्स

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

मरुधर रा हो देव थारी ध्वजा फरुके थारा देश में
साचा मन सु ध्यावे जिन रो जन्म सफल होवे मलिका

माता मेना देवी का लाल थाने खम्मा घणी
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

सीर सागर में अजमल जी ने धनिया दिनों वरदान जी
मॉस भादवा री बिज चांदनी को आवुला राखन थारो मान जी

धरा बिचम सु आप पधारिया बालक बन ने आप जी
पानी रो तो दूध बन गयो, मंड्या कुमकुम रा आप जी
रणछोड़ रा अवतार थाने खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

मक्का सु मिलन पीर पधारिया, परखन रामा पीर
कियो रामदेव आवो पीर जी जिमो मीठी खीर

बोलिया पीर कटोरा मारा रह गया मक्का मदीना
वेह कटोरा मारा रे, जद थारे घर जिमो

तुरंत रामदेव भुजा पसारी, परचो पीरा ने दियो आप जी
पलक झपकत आया कटोरा पांचो पीर जी धप्गाया

पीर यु बोलिया मैं तो यु पीर हो, आप तो पीरो रा पीर थे हो
जाट पात का भेद मिटायो, कोई नहीं उचो कोई नहीं निचो

दुस्तो ने मार भगावान आया भक्तो रे बिच जी
थे तो पीरो रा हो पीर जी, थाने खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

लाछा बाई रो ब्याव रचायो, दान में दिनों आखो राज जी
आप बसाया गाव रानुजो, जाग्या जोदाने रा भाग जी

बाई सुगना रा पूत जिमायो, बनिया री पलटी जहाज तारी
भक्तो रा हो थे रखवाला, महिमा रो पायो कोनी पार जी

थे हो भक्तो रा आधार थाने खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

दर्जी सोदा रे घर में बेटी, जन्मी ने नेतल पांगली
सपने में बाबा मिलिया रामदेव, पगा चलाई आंगली

बोली में परनु कुंवर रामदेव सु, जदी मारो सपनों वेला साचो जी
जदी बाबा रामदेव बिंद बनिया रानी नेतल री राखी लाज जी

पगा चलाई पकड़ आंगली नेतल रो सपनों करियो साच जी
रानी नेतल रा भरतार थाने खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

पिच्रंगी पाग माते, तिरो किलंगी कमर बन्ध्योली तलवार जी
धर पीठ पर हाथ में भालो लिले घोड़े रा असवार जी

लाछा सुगना करे आरती, चवर ढोदावे हरजी आप रे
डाली बाई नाचे गावे लेवे तंदूर हरी जस हाथ में

थे हो कलयुग का भगवन थाने खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

कही में गावा महिमा थारी, महिमा रो पायो कोनी पार जी
कर्ज सारा पार उतारो गिरता पड़ता ने लीजो थाप जी

लिखे जोगिड़ो गावे इन्दर धुन ने बतावे शिव जी
बाबा सब री रखो लाज थाने खम्मा घणी

मरुधर रा हो देव थारी धजा फिरोजी खम्मा घणी

बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी ओ
अजमल जी रा कंवरा थाने खम्मा घणी ||टेर||

|| बाबा रामदेव की जय हो ||

ramapir bhajan lyricsबाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी लिरिक्स | इंद्रा शर्मा भजन | बाबा रामदेव जी के भजन लिरिक्स बाबा रामदेवजी ओ थाने खम्मा घणी लिरिक्स, बाबा रामदेव जी के भजन लिरिक्स, रामदेव जी likhit me meri डायरी, रामदेव जी के भजन लिखे हुए,

जियो घणावर राज घणावर सुन्धा रा रे पहाडों लिरिक्स माताजी भजन | किशोर पालीवाल भजन मारवाड़ी

जियो घणावर राज घणावर सुन्धा रा रे लिरिक्स माताजी भजन:
माताजी भजन लिरिक्स: जियो घणावर राज घणावर सुन्धा रा रे पहाडों
सुंधा माताजी भजन लिरिक्स
गायक: किशोर पालीवाल
श्रेणी : माताजी भजन लिरिक्स

जियो रे घनावर ओ राज घनावर
जियो रे घनावर ओ राज घनावर

सुंधा रा रे पहाड़ो में, जगदम्बा हिंडो घालियो रे जियो
अरे जियो रे घनावर सुंधा ने रे भाकिरिया में ओऊ
ऊँचा ने भाकरिये सुंधा माँ थारो देव्ड़ो रे जियो ||टेर||

अरे जियो घवानर बांगो रो वन माली
ओ राज घनावर माताजी रे फुल्डा लावता रे जियो

अरे जियो घनावर दुरा ने देशो रा रे ओ राज घनावर
दुरा ने रे देशो रा आवे है नर ने नारी और मानवी रे जियो ||

अरे जियो घनावर थारोड़ो रे मंदिर में, ओ थारो डा रे मंदिर की मूरत लागे सोभनी
अरे जियो घव्नावर थारो रे पुजारी, आरतियो री वेला आवजो रे जियो

अरे जियो घवानर गायो रो रे ग्वालियो रे राज घवानर
वरत मागवा आवियो रे जियो, अरे जियो घवानर सुपदो ने, भरने अरे जियो घवानर
अन्न देव जियो रे हाँ जियो अरे जियो घवानर

अरे जियो घवानर सोना री थाली में अरे जियो घवानर
सोना री थाली में माताजी भोजन परोसियो रे जियो

अरे जियो घवानर जिमो रे ए चौकी में थाली ने ठोकर मार डी रे जियो
अरे जियो घवानर थारो ने रे मंदिर ये ओ राज घनावर

थारो ने मंदिरिये भगत घनेरा आवियो रे जियो
अरे जियो घवानर भगलू ने रे भोपजी ओ अरज विनती साम्भाड़ो ने ओ जियो
राज घनावर

अरे जियो घवानर, राज घवानर, अरे जियो घवानर
राज घनावर सुंधा ने रे पहाड़ो में, अरे जियो घवानर

सुंधा रा रे पहाड़ो में, जगदम्बा हिंडो घालियो रे जियो
अरे जियो घनावर ऊँचा ने रे भाकर में ओ राज घनावर
सुंधा माँ थारे देवरों रे जियो घनावर राज घनावर

|| सुंधा माता की जय हो ||

वायक आया ओ गुरुदेव रा भजन लिरिक्स | रूपा बाई भजन | छोटू सिंह भजन

वायक आया ओ गुरुदेव रा लिरिक्स
गुरु महिमा भजन लिरिक्स: वायक आया ओ गुरुदेव रा लिरिक्स
गायक: Chotu Singh Rawna Rawana
श्रेणी : मीरा बाई भजन लिरिक्स

वायक आया ओ गुरुदेव रा, रूपा बाई जमले पधारो रे
वायक आया ओ गुरुदेव रा, रूपा बाई जमले पधारो रे ||टेर||

केम करे ने गुरूजी आवु रे, सुता रावल माल जागे ओ
अरे निंद्रारा मंगावा सारा सेर रिरे, ढोलिए सापडला पोडाया रे
इतरो करेने रूपा-देव हालिया रे, आया रखियो रे घर माई रे

सब रे संतो ने रामा राम जी रे, मारा गुरुजी ने घणी खम्मा रे
हाथ जोड़ ने रूपा बाई बोलिया रे, गुरु मारी मोजडीया हेरोनी रे

बतिया बुजानी सारा शहर की रे, नुगरा सुता रावल माल जागे ओ जी
साकड़ी सेरी में सामी आविया रे, रानीसा कवेला सिन गया था रे
हाथ जोड़ ने रूपा बोलिया रे,राजा थारे फुल बिनवा गयी थी रे

रावल माल देव जी बोलिया रे, रानीसा फुल कठा सु लाया रे
रपहली बाडी तो दर रे डूंगर रे, दूजी बेकुंठा के माई रे, तीजी बाड़ी सारा सेर माई
चौथी स्वर्ग रे माई रे

पेलो मारो रे मोबी दीकरो, दूजो हंसा वालो घोड़ो रे
तीजो मारो रे गाऊ रो बछड़ो, चौथो मारो चन्द्रावल रानी ने रे

इतनो करेने वीरा आवजो रे, पची थाने पंथडलो बतावा रे
हाथ जोड़ने रूपा बोलिया रे, मारा अमरा पुर में वासो रे
सधुड़ो रो अमरा पुर में वासो रे

वायक आया ओ गुरुदेव रा, रूपा बाई जमले पधारो रे
वायक आया ओ गुरुदेव रा, रूपा बाई जमले पधारो रे ||टेर||

| रानी रूपा देवी की जय हो |

सत्संग अमर जड़ी रे संतो राजस्थानी भजन लिरिक्स

कबीर भजन लिरिक्स: सत्संग अमर जड़ी भजन
गायक: प्रकाश दास जी महाराज की आवाज में सुने यह भजन दीवाने हो जाओगे
श्रेणी : गुरु महिमा भजन लिरिक्स

साखी:

“राम मिलन के कराने जो तू खड़ा उदास
साधु संगत शोध ले राम उन्ही के पास”

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

सुग्रीव ने संगत राम जी की किनी, वानर फोज बनी साधो भाई
उस वानर की कोई है शाम रित, जो रावण से आन लड़ी

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

नरसी ने संगत पीपाजी की कीड़ी, सुई पर बात अडी है
56 करोड़ को भरो मायरो, वो आयो आप हरी रे सावरो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

प्रह्लाद ने संगत सरियादेवी की कीड़ी, नाम पर बात अडी है
खम्भ फास हरिणाकश्यप मारियो फिर मिले हरी

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

लोहा ने संगत काट की किनी, समुद्र बिच नाव तिरी रे
उंडा नीर बता दे साधू, मारा सतगुरु पार करी रे संतो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

उच्च नीच का भेद नहीं जाने, कहत कबीर सुनो भाई साधु
थारो आवो गमन मिटे रे संतो

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में

अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी

||संत कबीर साहेब की जय हो ||

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