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Top 10 Mehndipur Balaji Bhajan Lyrics

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Top 10 Mehndipur Balaji Bhajan Lyrics | मेहंदीपुर बालाजी भजन लिरिक्स

ओ बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनो ला

ओ बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनो ला
अरज़ सुनोला म्हारि विनती सुनोला बजरंग अरज़ सुनोला।

सारी-सारी रात म्हाने नींद कोनी आव, बजरंग नींद कोनी आव,
जद जागूँ म्हारो जीव घबराव, बजरंग जीव घबराव,
म्हारा बालाजी क़द म्हारि पीड हरोला।
ओ बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनोला।

गहरी-गहरी नादियाँ, न्याव पुरानी, म्हारि न्याव पुरानी
सिर के ऊपर चल रयो पाणि, म्हारे फिर रयो पानी
म्हारा बालाजी क़द म्हारि पार करोला,
म्हारा बालाजी क़द म्हारि अरज सुनोला।

तुम सा दीन दयालु नहीं है, दीनानाथ नहीं है,
मुझसा दीन अनाथ नहीं है, दीन अनाथ नहीं है,
म्हारा बालाजी क़द म्हारि सहाय करोला,
म्हारा बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनोला।

दास प्रेम थारा गुण गाव, बजरंग थारा गुण गाव,
बार-बार चरणा म शीश नवाव, चरणा म शीश नवाव,
म्हारा बालाजी क़द सिर पर हाथ धरोला,
म्हारा बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनो ला।

श्री पंचमुखी हनुमान, बिरद के बंका, शब्द के सांचा।

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श्री पंचमुखी हनुमान, बिरद के बंका, शब्द के सांचा।
जहाँ आप खड़े महाराज, असुर दल काँपा।।

क्या संमन्दर का गर्व करे, ज्यान कर ज्याऊँ फंका।
म्हारे धणी का हुकम नहीं, थारी ले ज्यातो लंका।।
श्री पंचमुखी हनुमान…

सागर ऊपर शिला तिरायी, करया बहुत हंका।
मंदोदरी का महल उजाड़्या, मद् मारया रावण का।।
श्री पंचमुखी हनुमान…

राम-लक्ष्मण की जोत विराजे, तुम अगवानी हर का।
मायारूपी जोत स्वरूपी, नाम बड़ा हनुमत का।।
श्री पंचमुखी हनुमान…

धन-धन थारी भगती करे, ज्याने दर्शन पावे नित का।
सबके ह्रदय आप विराजे, दुख मेटे जन-जन का।।
श्री पंचमुखी हनुमान..

रामानन्द बिरामण गावे, शहर कोजपुर का।
जिनके ऊपर कृपा किरज्यो, चाकर चरणन का।।
श्री पंचमुखी हनुमान…

बजरंगबली मेरी नाव चली, जरा बल्ली कृपा की लगा देना।
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बजरंगबली मेरी नाव चली,
जरा बल्ली कृपा की लगा देना।
मुझे रोग व शोक ने घेर लिया,
मेरे ताप को नाथ मिटा देना।।
मैं दास आपका जन्म से हूँ,
बालक और शिष्य भी धर्म से हुँ।।
बेशर्म, विमुख निज कर्म से हूँ,
चित से मेरा दोष भुला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
दुर्बल हूँ, गरीब हूँ, दीन हूँ मैं,
नित कर्म-क्रिया गति क्षीण हूँ मैं।।
बलवीर तेरे आधीन हूँ मैं,
मेरी बिगड़ी हुई को बना देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
बल देके मुझे निर्भय कर दो,
यश कीर्ति मेरी अक्षय कर दो।
मेरे जीवन को सुखमय कर दो,
संजीवन ला के पिला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….
करुणानिधि आपका नाम भी है,
शरणागत आपका दास भी है।
इसके अतिरिक्त ये काम भी है,
श्री राम से मोहे मिला देना।
बजरंगबली मेरी नाव चली….

ए मेहंदीपुर के बालाजी, कभी मेरे घर भी आ जाना

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ए मेहंदीपुर के बालाजी, कभी मेरे घर भी आ जाना।
मैं दास आपका जन्मों से, आकर धीर बंधा जाना।।
तेरे रोज सवामण भोग लगे, नित खीर चूरमा खाये तूँ।
मेरे पास तो रूखी सूखी है, निर्धन के घर नहीं आये तूँ।
अब और सहा नहीं जाता है, दर्शन दे धन्य बना जाना।।1।।
सोना चांदी के वर्क तेरे, धन वाले आन चढ़ाते हैं।
खुशबू से भरा सिंदूर कई, मनचले भक्त ले आते हैं।
मेरा यह ध्वजा नारियल कर, स्वीकार दया दिखला जाना।।2।।
कई भक्त निराले मेवा और, मिश्री का भोग लगाते हैं।
कई लड्डू, बर्फी, पेड़ा ही लाकर अनुराग दिखाते हैं।
मैं दीन हीन दुःखियारा हूँ, मम खिल बतासे खा जाना।।3।।
सूंदर आभूषण वस्त्र नहीं, लाल लंगोटा लाया हूँ ।
स्वीकार तुच्छ यह भेंट करो, कोई भेंट न मोटा लाया हूँ।
मेरे अवगुण दोष क्षमा करके, नवजीवन ज्योति जगा जाना।।4।।
दुनिया ने बहुत सताया है, बस एक सहारा तेरा है।
ये लाल ‘चिरंजी’ बालाजी, हर समय पुजारी तेरा है ।
मैं बून्द हूँ प्रेम का सागर तूँ, सागर में बूँद समा जाना।। 5।

महिमा निराली देखो मेहंदीपुर धाम की

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महिमा निराली देखो मेहंदीपुर धाम की
जहा पर विराजे झांकी बालाजी सरकार
घाटे वाले बाबा की है दुनिया पुजारी रे
वो देखो वो देखो वो देखो

बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे
महिमा निराली देखो मेहंदीपुर धाम की
जहा पर विराजे झांकी बालाजी सरकार
घाटे वाले बाबा की है दुनिया पुजारी रे
वो देखो वो देखो वो देखो

बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे
चरणों में आके जोभी अर्जी लगाते है
बाला जी की कृपा से कष्ट भाग जाते है
बिगड़ी बनाते सदा बाला जी बलकारी रे
वो देखो वो देखो वो देखो

बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे
दानी है दयालु बाबा भरे भंडार है
अपने प्यारे भक्तो पे करे उपकार है
जग में मशहूर बाबा की दातारी रे
वो देखो वो देखो वो देखो

बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे
सारे संसार में ये देवता निराला है
राम जी का सेवक है ये बड़ा मतवाला है
लगती है बाला जी की सुरतिया प्यारी
वो देखो वो देखो वो देखो

बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे
महिमा निराली देखो मेहंदीपुर धाम की
जहा पर विराजे झांकी बालाजी सरकार
घाटे वाले बाबा की है दुनिया पुजारी रे
वो देखो वो देखो वो देखो
बड़े ही कमाल के है शिव अवतारी रे

आ लौट के आजा हनुमान तुम्हे श्री राम बुलाते हैं।

लौट के आ लौट के आ
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण..२
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

गए पवन सूत लेन सजीवन
अब तक क्यों नहीं आये…2
सेनापति सुग्रीव पुकारे…2
नर बानर कुम लाये
सब लोग भये अज्ञान
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

बीत गयी जब रैन रही न
और एक पल भी बाकी…2
देख देख के राह तुम्हारी
बैरन अंखिया ताकि…2
कही उदय न हो जाये भानु
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

रात समय हनुमान सजीवन
लेते न बीच आये…2
गंगा राम धन्य बजरंजी
लक्ष्मण के प्राण बचाये…2
अब जाग उठे बलवान
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है

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कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
जहाँ जहाँ कीर्तन प्रभु का होता है,
नाचे हनुमत होकर के मतवाला है,
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।।

पाँव में घुँघरू बँधे है, हाथ में करताल,
ठुमक ठुमक कर झूमता है, अंजनी का लाल,
पी रहा मस्ती का भर भरकर प्याला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला हैं,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।।

राम का दरबार हो या, श्याम का दरबार,
रहता है हनुमान हरदम, सेवा में तैयार,
अपने प्रभु का ये तो भक्त निराला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला हैं,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।।

भक्ति का भण्डार है ये, प्रेम का सागर,
माँग लो अनमोल धन ये,हाथ फैला कर,
खुलवा लो जो बंद करम का ताला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला हैं,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।।

कर रहे है भक्त सारे, प्रार्थना इतनी,
भक्तिरस हमको चखा दो,
भक्त शिरोमणि,“बिन्नू” ने चरणों मे डेरा डाला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला हैं,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है।।

कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है,
देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,
जहाँ जहाँ कीर्तन प्रभु का होता है,
नाचे हनुमत होकर के मतवाला है।।

मेहंदीपुर दरबार निराला हो रही जय जयकार
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मेहंदीपुर दरबार निराला,
हो रही जय जयकार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।।

सियाराम के भक्त हो प्यारे,
माँ अंजनी के लाल दुलारे,
भक्तो के बस तुम हो सहारे,
करते पल में वारे न्यारे,
संकट मोचन नाम है तेरा,
सुन लेना दातार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।।

उजड़े चमन में फूल खिलाया,
निर्धन को धनवान बनाया,
बाँझ की गोद में पुत्र खिलाया,
बिछड़े मन का मीत मिलाया,
जो भी माँगा आज मिलेगा,
खोल दिया भंडार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।।

तू है दाता मैं हूँ पुजारी,
तेरे दर का मैं हूँ भिखारी,
देदो कुछ वरदान तो ऐसा,
तुझ पर मैं जाऊँ बलिहारी,
नैया मेरी बहुत पुरानी,
करदो बेडा पार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।।

‘राजू’ तेरे भजन सुणाए,
महिमा जग को आज बताये,
जो भी तेरा ध्यान लगाए,
जीवन में कभी दुःख ना पाए,
रखना ये विश्वास तू मेरा,
जग के पालनहार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।।

मेहंदीपुर दरबार निराला,
हो रही जय जयकार,
तेरी जय हो अंजनी लाल,
तेरी जय हो अंजनी लाल।

एक बार आओ जी बालाजी म्हारे आंगणा।
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एक बार आओ जी
बालाजी म्हारे आंगणा
थाने टाबरिया बुलावे घर आज
पधारो म्हारे आँगणिये।।

केसरिया बागो पहरावा
चांदी को थाके छतर चढ़ावा
थाने बनड़ो बनावा बाबा आज
पधारो म्हारे आँगणिये।।

केसर चंदन तिलक लगावा
इतर से बाबा थाने नहलवा
थाको खूब करा श्रृंगार
पधारो म्हारे आँगणिये।।

खीर चूरमा को भोग लगावा
प्रेम से बाबा थाने जिमावा
थाके खूब करा मनुहार
पधारो म्हारे आँगणिये।।

ग्यारस की म्हे रात जगावा
भजना सु बाबा थाने रिझावा
थाका खूब लड़ावा लाड़
पधारो म्हारे आँगणिये।।

भगता की थे विनती सुणजो
दुखड़ा सबका आकर हर जो
थाकि महिमा अपरम्पार
पधारो म्हारे आँगणिये।।

चौखट पे थाकि जो भी आवे
वो तो हरपल मौज उड़ावे
थाको नाम जपे दिन रात
पधारो म्हारे आँगणिये।।

फागुण में मेहंदीपुर आवा
आकर के तोके ढोक लगावा
म्हाका मन में घणो यो चाव
पधारो म्हारे आँगणिये।।

फागुण की तो महिमा भारी
दरश करे लाखो नर नारी
जामे ‘अमन’ भी है एक दास
पधारो म्हारे आँगणिये।।

एक बार आओ जी
बालाजी म्हारे आंगणा
थाने टाबरिया बुलावे घर आज
पधारो म्हारे आँगणिये।।

बालाजी से बड़ो ना बलवान कोई मेहंदीपुर के जैसो है ना धाम कोई
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बालाजी से बड़ो ना, बलवान कोई,
मेहंदीपुर के जैसो है,ना धाम कोई।।

आके जो भी अर्जी लगावे,
हाथों हाथ ही पर्चो पावे,
देर होने को ना अठे काम कोई,
देर होने को ना अठे काम कोई,
मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।।

सांचो यो दरबार कुहावे,
हेरा फेरी काम ना आवे,
चाहे निर्धन हो या धनवान कोई,
चाहे निर्धन हो या धनवान कोई,
मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।।

मेहंदीपुर में देखो जाके,
बाबो सबका संकट काटे,
काल को भी चले ना अभिमान कोई,
काल को भी चले ना अभिमान कोई,
मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।।

सोनू ऐ की शरण में आयो,
बाबो बेडो पार लगायो,
इब तो म्हारो भी राखे है ध्यान योही,
इब तो म्हारो भी राखे है ध्यान योही,
मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।।

बालाजी से बड़ो ना, बलवान कोई,
मेहंदीपुर के जैसो है, ना धाम कोई।

ओ बालाजी क़द म्हारि अरज़ सुनो ला। श्री पंचमुखी हनुमान, बिरद के बंका, शब्द के सांचा।बजरंगबली मेरी नाव चली, जरा बल्ली कृपा की लगा देना।ए मेहंदीपुर के बालाजी, कभी मेरे घर भी आ जाना।महिमा निराली देखो मेहंदीपुर धाम की।आ लौट के आजा हनुमान तुम्हे श्री राम बुलाते हैं।कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला हैमेहंदीपुर दरबार निराला हो रही जय जयकारएक बार आओ जी बालाजी म्हारे आंगणा।बालाजी से बड़ो ना बलवान कोई मेहंदीपुर के जैसो है ना धाम कोई।

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