Top 10 Hanuman Ji bhajan lyrics

Top 10 Hanuman Ji bhajan lyrics in hindi

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे देख लो मेरे दिल के नगीने में

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श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे
देख लो मेरे दिल के नगीने में॥

श्लोक- ना चलाओ बाण
व्यंग के ऐ विभिषण
ताना ना सह पाऊं
क्यूँ तोड़ी है ये माला
तुझे ए लंकापति बतलाऊं
मुझमें भी है तुझमें भी है
सब में है समझाऊँ
ऐ लंकापति विभीषण ले देख
मैं तुझको आज दिखाऊं॥

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में
देख लो मेरे दिल के नगीने में॥

मुझको कीर्ति ना वैभव ना यश चाहिए
राम के नाम का मुझ को रस चाहिए
सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥

श्लोक- अनमोल कोई भी चीज
मेरे काम की नहीं
दिखती अगर उसमे छवि
सिया राम की नहीं॥

राम रसिया हूँ मैं राम सुमिरण करूँ
सिया राम का सदा ही मै चिंतन करूँ
सच्चा आनंद है ऐसे जीने में
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥

फाड़ सीना हैं, सब को ये दिखला दिया
भक्ति में मस्ती है, सबको बतला दिया
कोई मस्ती ना, सागर को मीने में
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥

मैं दुनिया छोड़ के आ गया
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मैं दुनिया छोड़ के आ गया
बाला जी के मंदिर में बाला जी के मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में

बाला जी बड़े कमाल मैं तो हो गया माला माल
मेरी चांदी चांदी हो गयी मैं सोया भाग्य जग गया
बाला जी मंदिर में बाला जी मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में
बाबा है दया का सागर ये दानी देव निराला
बाबा है दया का सागर ये दानी देव निराला
सारे जग का दाता
सारे जग का दाता ये तो है बड़ा मतवाला
बाबा है दया का सागर ये दानी देव निराला
मैं तरसना मन की मिटा गया बाला जी के मंदिर में
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥

स्वीकार हुआ मेरा सपना किस्मत का खुल गया ताला
स्वीकार हुआ मेरा सपना किस्मत का खुल गया ताला
मेरे सारे दुखड़े काट गए मिया जब से घाटे वाला
हो स्वीकार हुआ मेरा सपना किस्मत का खुल गया ताला
स्वीकार हुआ मेरा सपना किस्मत का खुल गया ताला
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
कलयुग मैं बाला जी का भाई पूरा जोर रहेगा
कलयुग मैं बाला जी का भाई पूरा जोर रहेगा
बस इनका ही धूम रहेगी इनका ही सोर रहेगा
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
होये बाला जी बड़े कमाल मैं तो हो गया माला माल
मेरी चांदी चांदी हो गयी मैं सोया भाग्य जग गया
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में

मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥
मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में
मैं सारी खुशियाँ पा गया बाला जी मंदिर में…॥

आज मंगलवार है महावीर का वार है ये सच्चा दरबार है

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आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।
चैत्र सुदी पूनम मंगल का जनम वीर ने पाया है
लाल लंगोट गदा हाथ में सर पर मुकुट सजाया है
शंकर का अवतार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

ब्रह्मा जी के ब्रम्ह ज्ञान का बल भी तुमने पाया है
राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धारिया है
लीला अपरमपार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

बालापन में महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है
श्रम दिया ऋषिओं ने तुमको ब्रम्ह ध्यान लगाया है
राम रामाधार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

राम जनम हुआ अयोध्या में कैसा नाच नचाया है
कहा राम ने लक्ष्मण से ये वानर मन को भाया है
राम चरण से प्यार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

पंचवटी से माता को जब रावण लेकर आया है
लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है
अक्छाय को मार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

मेघनाथ ने ब्रह्पाश में तुमको आन फसाया है
ब्रह्पाश में फस कर के ब्रम्हा का मान बढ़ाया है
बजरंगी वाकी मार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

लंका जलायी आपने जब रावण भी घबराया है
श्री राम लखन को आनकर माँ का सन्देश सुनाया है
सीता शोक अपार है महावीर का वार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

आज मंगलवार है महावीर का वार है
ये सच्चा दरबार है
सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।।

आ लौट के आजा हनुमान तुम्हे श्री राम बुलाते हैं

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लौट के आ लौट के आ
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

लक्ष्मण के बचा ले तू प्राण..२
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

गए पवन सूत लेन सजीवन
अब तक क्यों नहीं आये…2
सेनापति सुग्रीव पुकारे…2
नर बानर कुम लाये
सब लोग भये अज्ञान
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

बीत गयी जब रैन रही न
और एक पल भी बाकी…2
देख देख के राह तुम्हारी
बैरन अंखिया ताकि…2
कही उदय न हो जाये भानु
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

रात समय हनुमान सजीवन
लेते न बीच आये…2
गंगा राम धन्य बजरंजी
लक्ष्मण के प्राण बचाये…2
अब जाग उठे बलवान
तुझे श्री राम बुलाते है
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2
आ लौट के आजा हनुमान
तुझे श्री राम बुलाते है…2

अंजनी माँ थारो लाल कठे वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे
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अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे,
दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो,
दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो,
वो राम भगत हनुमान कठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

धरती रो पाप मिटावण ने,
अब पड़ी जरुरत थारी है,
हो रयो है अत्याचार घणो,
जालिम ने बाजी मारी है,
जुल्म करे सरेआम फिरे,
जुल्म करे सरेआम फिरे,
इंसान ने हिम्मत हारी रे,
कळयुग री काळी छाया में,
बाबा अवतार जरुरी है,
लंका में आग लगवाणियो,
लंका में आग लगवाणियो,
वो पवनपुत्र बलवान कठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

आज काल रा टाबरिया,
ना छोटा बड़ा री लाज करे,
वो मान सम्मान तो चल्यो गयो,
वो मान सम्मान तो चल्यो गयो,
बेशर्म तो बेठ्या राज करे,
अठे पाप का सिक्का चाली रया,
पाप का सिक्का चाली रया,
और सज्जन खाली हाथ मले,
अठे झूठ तो पग पग पर चाले,
और सच्चाई सरेआम मरे,
वो सच्ची प्रीत निभावणिया,
वो सच्ची प्रीत निभावणिया,
वा सतजुग वाली रीत कठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

पैसा नो है सब खेल यहाँ,
स्वारथ की दुनिया दारी है,
भाई भाई ने मर देवे,
भाई भाई ने मर देवे,
मतलब की रिश्तेदारी है,
किस किस का दोष बताऊँ मैं,
किस किस का दोष बताऊँ मैं,
खुद बाढ़ खेत ने खारी है,
माँ बाप ने समझे कौन अठे,
और ममता ठोकर खारी है,
वो काँधे तीर्थ करावणिया,
वो काँधे तीर्थ करावणिया,
वो शरवण जैसी संतान कठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

अठे विष होठां पर बरस रह्यो,
अठे जहर जुबां पर बरस रह्यो,
और वाणी में मिठास नहीं,
अहंकार में सारा मरया पड़या,
और बिन मै जिंदगी रास नहीं,
बेईमान ने सबकुछ मिल जावे,
बेईमान ने सबकुछ मिल जावे,
और साहूकार ने साथ नही,
घर घर में मिल जाए गुरु अठे,
पर हनुमान सा दास नही,
‘रोतु’ है भजन बनावाणियो,
और गावे है ‘परकाश’ अठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे,
दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो,
दुनिया में बढ़ ग्यो पाप घणो,
वो राम भगत हनुमान कठे,
अंजनी माँ थारो लाल कठे,
वो भक्ता रो प्रतिपाल कठे,
वो संकट मोचन नाम कठे।।

श्री राम जहाँ होंगे हनुमान वहां होंगे
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श्री राम जहाँ होंगे,
हनुमान वहां होंगे,
दोनों जहाँ होंगे, वहां कल्याण करेंगे,
हर काम बनेंगे, श्री राम जहाँ होंगे।।

श्री राम का जो भी,ध्यान लगाएगा,
बालाजी के दर्शन,वो ही पाएगा,
प्रभु राम की भक्ति से,तुम्हे हनुमान मिलेंगे,
कल्याण करेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।।

श्री राम जहां होंगे,हनुमान वहां होंगे,
दोनों जहाँ होंगे,वहां कल्याण करेंगे,
हर काम बनेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।

भैरव बाबा प्रेत राज,की शक्ति से,
संकट कट जाते,बाला की भक्ति से,
मुश्किल सभी की,बालाजी आसान करेंगे,
कल्याण करेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।।
श्री राम जहां होंगे,

हनुमान वहां होंगे,दोनों जहाँ होंगे,
वहां कल्याण करेंगे,हर काम बनेंगे,
श्री राम जहाँ होंगे।

डरते नहीं जो संकट से,गर तिरो से,
बंध जाते यहाँ,आकर वो जंजीरो से,
मिट जायेंगे जो दुष्ट,यहाँ अभिमान करेंगे,
बेमौत मरेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।।

श्री राम जहां होंगे,हनुमान वहां होंगे,
दोनों जहाँ होंगे,वहां कल्याण करेंगे,
हर काम बनेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।

बड़े ही सच्चे,मेहंदीपुर के बालाजी,
बड़े दयालु अंजनी माँ,के लाला जी,
बैरागी पुरे सब के,ये अरमान करेंगे,
कल्याण करेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।।

श्री राम जहां होंगे,हनुमान वहां होंगे,
दोनों जहाँ होंगे,वहां कल्याण करेंगे,
हर काम बनेंगे,श्री राम जहाँ होंगे।

संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा

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संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
उसकी विपदा टारी तूने, जिसने तुझे पुकारा॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

लंकपुरी मेँ जाकर पता सिया का लगाया।
बड़े बड़े असुरोँ को तूने मार गिराया।
फल खाये, बाग उजाड़े, अक्षय को मारा॥१॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

लखन को मूर्छा आई रामचन्द्रजी घबराये।
गये उड़के लंका मेँ वैद्य सुषेन को लाये।
महल सहित उठाया लाकर वन मेँ उतारा॥२॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

कहा वैद्यजी ने ये बूँटी संजीवन लानी है।
सूरज उगने से पहले लखन को पिलानी है।
हे पवनसुत करो तुम्हीँ काम ये हमारा॥३॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

द्रोणागिरि जाके बाला तुरन्त औषधि लाये।
जाग उठे शेष अवतारी जब घोल पिलाये।
कहा राम ने बजरंग तू है प्रिय भ्रात हमारा॥४॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

हे महावीर बलकारी रणधीर तुम हो।
भक्तोँ की बनाते बिगड़ी तकदीर तुम हो।
‘खेदड़’ पे कृपा दृष्टि रखना है दास तुम्हारा॥५॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।
उसकी विपदा टारी तूने, जिसने तुझे पुकारा॥
संकट मोचन नाम है बजरंग तुम्हारा-बजरंग तुम्हारा।

राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

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राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते
राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

हनुमान पर्वत उठाकर ना लाते
कैसे संजीवन सुषेण वेद पाते
प्राण जाते लक्ष्मण के
राम रहते रोते
राम जी के पुरे कभी
काम नहीं होते।
राम जी के साथ जो हनुमान नहीं होते
राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

लंका में गर हनुमान नहीं जाते
राम की शरण में विभीषण ना आते
रावण से विजय श्री राम नहीं होते
राम जी के पुरे कभी
काम नहीं होते।
राम जी के साथ जों हनुमान नहीं होते
राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

रावण की लंका अगर ना जलाते
हनुमान विकराल रूप ना दिखाते
सीता रह जाती वही
राम उन्हें खोते
राम जी के पुरे कोई
काम नहीं होते।
राम जी के साथ जों हनुमान नहीं होते
राम जी के पुरे कभी काम नहीं होते।।

ओ मारुती ओ हनुमंता तेरा एक सहारा दूर करो दुःख सारा।
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ओ मारुती ओ हनुमंता तेरा एक सहारा
दूर करो दुःख सारा।।
बात पुरानी है एक कहानी है
सूरज को तूने मुख में लिया था
देवो ने की थी अर्जी
चली थी तेरी मर्जी
छोड़ दिया तूने रवि को मुख से
मिटा दिया अँधियारा
दूर करो दुःख सारा
ओ मारुती ओ हनुमंता
दूर करो दुःख सारा
तेरा एक सहारा।।

पवन के प्यारे तुम अंजनी दुलारे तुम
राम की आज्ञा पाकर तुमने
सारा काम सवारा
शंकर के अवतारा
अमर अजर की आशीष पाई
मात सिया के द्वारा
दूर करो दुःख सारा
ओ बालाजी ओ हनुमंता
दूर करो दुःख सारा
तेरा एक सहारा।।

महिमा तेरी ही बहुत है संतो ने गाई
किसको बखाने किसको छोड़े
समझ हमे नही आता
ओ रे भाग्य विधाता
देरी करो ना जल्दी से तुम
देदो आके सहारा
दूर करो दुःख सारा
ओ बालाजी ओ हनुमंता
दूर करो दुःख सारा
तेरा एक सहारा।।ओ मारुती ओ हनुमंता
तेरा एक सहारा
दूर करो दुःख सारा।

माँ अंजनी के लाल सुनले ना मेरी पुकार॥
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माँ अंजनी के लाल, सुनले ना मेरी पुकार
माँ अंजनी के लाल, सुनले ना मेरी पुकार
हो जायेँ भव से पार हम पे कृपा जो तेरी हो॥
माँ अंजनी के…॥

दरबार तेरा पावन, लगती है शोभा प्यारी।
महिमा तेरी है निराली जाने दुनिया सारी।
तेरी भक्ति से, तेरी शक्ति से
मिट जाते सब जंजाल॥१॥
माँ अंजनी के…॥

तेरी कितनी करूँ बड़ाई, रामचन्द्र के बने सहाई।
लाके संजीवन बूँटी, लक्ष्मण की जान बचाई।
भीड़ पड़े जब, भक्तोँ पे तब
तू संकट देता सब टाल॥२॥
माँ अंजनी के…॥

ओ सालासर के राजा, सारो सबके काजा।
शरण मेँ पड़ा हूँ तेरी, मेरी बिगड़ी बनाजा।
विनती सुनले, ‘खेदड़’ की
दु:खोँ से गया हूँ हार॥३॥
माँ अंजनी के…॥

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