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Top 10 Dard Bhare Bhajan Lyrics

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Top 10 Dard Bhare Bhajan Lyrics
Top 10 Dard Bhare Bhajan Lyrics

ओ महावीर बजरंगी मैं आया शरण तिहारी।

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दोहा : शरण शरण मैं आपकी, महावीर हनुमान,
शरण पड़े को आन उबारों, पवन पुत्र बलवान।

टेर : ओ महावीर बजरंगी, मैं आया शरण तिहारी।

शरण तिहारी मैं आया हूँ, संग में संकट लाया हूँ,
अनजाने में फिरा भटकता, पहले बहुत दुःख पाया हूँ,
अब संकट हर ले मेरा, ओ संकट मेटन हारी ।
ओ महावीर बजरंगी….

मैंने सुना है द्वार तेरे से, खली कोई न जाता है
सच्चे मन से आता है वो, मन इच्छा फल पाता है
मैं भी सच्चे मन से आया, तेरे दर पर एक भिखारी।
ओ महावीर बजरंगी….

राम नाम की भिक्षा देकर, सदा दयालु बने रहना,
गृहस्थ की गाड़ी मेरी चले ठाट से, यही हमारा है कहना,
हमे ईश्वर भक्ति देना, ये सुनियो अर्ज हमारी।
ओ महावीर बजरंगी….

भव सागर में हो नैया हमारी, तो अपने हाथों से खेना
दशों दिशाओ में डोले नैया तो मुक्ति की राह लगा देना
मैं सेवक तेरा अनाड़ी ओ बाल जति ब्रह्मचारी।
ओ महावीर बजरंगी….

भूल चूक करता रहता हूँ, उसकी माफ़ी चाहता हूँ
भला बुरा जैसा भी हूँ तेरे चरण शीश झुकता हूँ
ये भक्त तेरा स्वामी, तेरे चरणों पर बलिहारी।
ओ महावीर बजरंगी…

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर आस पूरी माँ कर देना मेरी

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बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
लिए संकट हजारो के हर,
आज चिंता माँ हर लेना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

तुझे सबकी खबरिया है माता,
तेरे आज्ञा से चलता विधाता,
किसकी किस्मत के कैसे सितारे,
सभी लिखा है पास तुम्हारे, पास तुम्हारे,

कभी इस और करके नजर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

तेरी करुणा है सबपे बरसती,
फिर क्यों झोली ये मेरी तरसती,
माँ ही बेटी की गर ना सुनेगी,
फिर कहाँ मेरी बिगड़ी बनेगी,
बिगड़ी बनेगी,

दे के हंसने का मुझको वर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

अपने आँचल में मुझको छूपाले,
तू माँ अम्बा है अब तो बचा ले,
रह के पथ्थरो में पथ्थर बनो ना,
मेरी निर्दोष विनती सुनो माँ,
हाँ हाँ विनती सुनो माँ,

कभी ममता से देखो इधर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

बड़ी मुश्किल से आई तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी,
लिए संकट हजारो के हर,
आज चिंता माँ हर लेना मेरी,
बड़ी मुश्किल से आईं तेरे दर,
आस पूरी माँ कर देना मेरी।।

साँवरे इतना तो कह दे
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साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2
आप के होते कन्हैया …2
दास क्यों दुखड़े सहे
साँवरे इतना तो कह दे………
साँवरे मेरी तो केवल
आप से पहचान है
लेना देना आप ही से
बस यही मुझे ज्ञान है ……2
आपने आँखें चुराई …2
समझो फिर लूट गए
साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2

साँवरे इतना तो कह दे……
श्याम श्याम …………2
जान कर अनजान बैठे
क्यों हमारे हाल पर
आप तो ऐसे नहीं थे
रूठे हो किस बात पर …2
बेबशी ने सुध गुनई
दुखडा से वो जहिं हुए …2
साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2

साँवरे इतना तो कह दे ……
अगर हुई गलती कन्हैया
माफ़ कर मेरी खता
जिंदगी में दुःख बहुत है
तू तो हमको न सता …2
बिन महार होगी बसना
जिंदगी कैसे जिए
साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2

साँवरे इतना तो कह दे ………
श्याम श्याम …………2
गर हँसा हम पर जमाना
कैसे तू बच पायेगा
भक्त और भगवन का
इतिहास लिखा जायेगा ……2
नंदू कर कृपा दयालु
आकर दामन थाम ले
साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2
साँवरे इतना तो कह दे ……2
किस से जाकर हम कहे …2
आप के होते कन्हैया …2
दास क्यों दुखड़े सहे
साँवरे इतना तो कह दे ……4

बाबा तू इतना बता दे

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श्याम श्याम श्याम मेरे ………2
बाबा हाय………बाबा ……………
तेरा क्या मुझसे नाता
तू इतना प्यार लुटाता
नहीं मैं क़ाबिल तेरे
तू फिर क्यों साथ निभाता
मुझको प्रभु इतना बता
क्यों माफ़ की मेरी हर खता
ओ बाबा तू इतना बता दे
है बता दे बता दे बता दे बाबा
मुझको क्यों इतनातु चाहे
है बता दे बता दे बाबा

मेरे तो न ऐसे थे करम
तूने किया जो ये रहम
दर्द से भरी थी जिन्दगी
तूने क्यों लगाया मरहम
हो ……मुझसे न छूट बाबा
माया का जहाँ
फिर भी दयालु तूने होक महेबान
मुझको दिया है क्यों सहारा
मुझको प्रभु इतना बता
ओ बाबा तू इतना बता दे
है बता दे बता दे बाबा
मुझको क्यों इतना तु चाहे
है बता दे बता दे बाबा

फिरता रहा मैं दर बदर
आसरा मिला न कही पर
मुझको शरण में ले लिया
सांवरे क्या तूने सोच कर
भूल से लिया न कभी
तेरा नाम रे
फिर भी बाबा तूने
लिया थाम रे
जीवन को मेरे क्यों सवार
मुझको प्रभु इतना बता
ओ बाबा तू इतना बता दे
है बता दे बता दे बाबा
मुझको क्यों इतना तु चाहे
है बता दे बता दे बाबा

तेरी मेरी क्या है दास्तान
कैसे पाया तेरा रास्ता
सदियो पुराण क्यों लगे
मुझे तेरा मेरा वास्ता
सोनू से बाबा तेरा
कैसा नाता है
नेरी गलतियों को
क्यों तू भूल जाता है
बाबा तू इतना क्यों है प्यारा
मुझको प्रभु इतना बता
ओ बाबा तू इतना बता दे
है बता दे बता दे बाबा
मुझको क्यों इतना तु चाहे
है बता दे बता दे बाबा
बाबा हाय ………बाबा ……………2

तेरा क्या मुझसे नाता
तू इतना प्यार लुटाता
नहीं मैं क़ाबिल तेरे
तू फिर क्यों साथ निभाता
मुझको प्रभु इतना बता
क्यों माफ़ की मेरी हर खता
ओ बाबा तू इतना बता दे
है बता दे बता दे बता दे बाबा
मुझको क्यों इतना तु चाहे
है बता दे बता दे बाबा
बाबा हाय ………बाबा ……………4

बैठ सामने तेरे बाबा, तुझको रोज़ मनाता हूँ
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बैठ सामने तेरे बाबा, तुझको रोज़ मनाता हूँ।
गोर करोगे कभी तो बाबा, सोच के अर्जी लगाता हूँ।
बैठ सामने तेरे बाबा…

माना चाहने वाले बहुत है, तभी तो तुम इतराते हो।
मुझे भूल कर खुश जब हो तुम, क्यों सपनों में आते हो।
मुझसा पागल नही मिलेगा, तुझको ये बतलाता हूँ।
बैठ सामने तेरे बाबा…

दीवानों की इस महफ़िल में, तुम मस्ती में खोये हो।
सुना था प्रेमी के आंसू पे, तुम भी बाबा रोये हो।
क्या कमी थी मेरे प्रेम में, समज नही मैं पाता हूँ।
बैठ सामने तेरे बाबा…

एक ही अर्जी भगत करता, तेरी सेवा मिल जाए।
एक ही अर्जी राखी करती, तेरी सेवा मिल जाए।
मुरजाई सी इस बगियाँ में, फूल ख़ुशी के खिल जाए।
कैसे चलेगा माधव ऐसे, कहो ना साथ निभाता हूँ।
बैठ सामने तेरे बाबा, तुझको रोज़ मनाता हूँ।
गोर करोगे कभी तो बाबा, सोच के अर्जी लगाता हूँ।

रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया

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रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥
मैं शबरी भिलनी की जाई,
भजन भाव ना जानु रे।
राम तेरे दर्शन के कारण,
वन में जीवन पालूं रे।

चरणकमल से निर्मल करदो,
दासी की झोपड़िया॥
रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की नगरिया॥

रोज सवेरे वन में जाकर,
फल चुन चुन कर लाऊंगी।
अपने प्रभु के सन्मुख रख के,
प्रेम से भोग लगाऊँगी।

मीठे मीठे बेरों की मैं,
भर लाई छबरिया॥
रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥

श्याम सलोनी मोहिनी मूरत,
नैयनो बीच बसाऊंगी।
सुबह शाम नित उठकर,
तेरा ध्यान लगाऊँगी।
(पद पंकज की रज धर मस्तक,
जीवन सफल बनाउंगी।)

अब क्या प्रभु जी भूल गए हो,
दासी की डगरिया॥
रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥

नाथ तेरे दर्शन की प्यासी,
मैं अबला इक नारी हूँ।
दर्शन बिन दोऊ नैना तरसें,
सुनलो बहुत दुखारी हूँ।
हरी रूप में दर्शन देदो,
डालो एक नजरिया॥

रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥

मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम

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मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम
द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ
मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

इस जग ने मुझको ठुकराया मीत कोई न तुमसा पाया
दुःख संताप मिटाकर मेरे नज़र दया की फेरो राम मेरे राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

जब जब जिसने तुम्हे पुकारा पल में आकर दीआ सहारा
बनकर चाकर रहूँ आपकी सेवा में हर पल निछकाम मेरे राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

चरण धुल की महिमा न्यारी शूहत पाव सिला भई नारी
और न कुछ मैं तुमसे चाहूँ निज चरनन में ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम
द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम…

https://www.youtube.com/channel/UC4IgI83DvepBFbRlCkudxHg?feature=emb_ch_name_ex

दुःख सुख दोनो कुछ पल के, कब आये कब जाये

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दुःख सुख दोनो कुछ पल के
कब आये कब जाये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
दुःख सुख दोनो कुछ पल के
कब आये कब जाये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

दुःख तो हर प्राणी को होय
राम ने भी दुःख झेला
धैर्य प्रेम से वन में रहे
प्रभु चौदह वर्ष की बेला

गर्मी में नदिया है खाली
सावन में जल आये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

दुःख सुख दोनो कुछ पल के
कब आये कब जाये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

प्रभु का सुमिरन जिसने करके
हर संकट को खेला
असली जीवन उसका समझो
ये जीवन का मेला

रात अँधेरी भोर में सूरज
ऐसा फिर कल आये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

दुःख सुख दोनो कुछ पल के
कब आये कब जाये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये

आये परीक्षा दुःख के क्षण में
मन तेरा घबराये
सह सह के दुःख सहा ना जाये
अंखियाँ भर भर जाये

राम का सुमिरन नारायण कर
बजरंगी बल आये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

दुःख सुख दोनो कुछ पल के
कब आये कब जाये
दुःख है ढलते सूरज जैसा
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये

शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये
शाम ढले ढल जाये
हो.. शाम ढले ढल जाये
शाम ढले ढल जाये

ओ मईया तैने का ठानी मन में, राम-सिया भेज दइ री वन में
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ओ मईया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में -2
हाय री तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में -2

यधपि भरत तेरो ही जायो,
तेरी करनी देख लज्जायो,
अपनों पद तैने आप गँवायो।
भरत की नजरन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में,
हठीली तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में।

महल छोड़ वहाँ नहीं’रे मड़ैया,
सिया सुकुमारी, संग दोउ भईया,
काहू वृक्ष तर भीजत होंगे,
तीरो मेहन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में -2

कौशल्या की छिन गयी वाणी,
रोय ना सकी उर्मिला दीवानी,
कैकेयी तू बस एक ही रानी
रह गयी महलन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में -2

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से

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दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से,
आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से।।

खाटू वाले श्याम तेरी, शरण में आ गयो,
श्याम प्रभु रूप तेरो, नैणां में समां गयो,
बिसरावे मत बाबा, हार मानी तेरे से,
आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से।।

बालक हूँ मैं तेरो श्याम, मुझको निभायले,
दुखड़े को मारयो मन्ने, कालजे लगायले,
पथ दिखलादे बाबा, काढ़ दे अँधेरे से,
आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से।।

मुरली अधर पे, कदम तले झूमे हैं,
भक्त खड़ा तेरे, चरणां ने चूमे हैं,
खाली हाथ बोल कया, जाऊ तेरे नेरे से,
आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से।।

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से,
आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से।।

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