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SHANI MANTRA 108 times | Nilanjan Samabhasam Lyrics नीलांजन समाभासं

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SHANI MANTRA 108 times | Nilanjan Samabhasam Lyrics नीलांजन समाभासं

।। 🕉 ।। नीलांजन समाभासं रवि पुत्रम यमाग्रजम् छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।। 🕉 ।।
।। 🕉 ।। 🕉 शं शनैश्चराय नम: ।। 🕉 ।।
शनिदेव को प्रसन्न करने के सिद्ध मंत्र
शनि की दृष्टि हर इंसान के लिए टेढ़ी नहीं होती, क्योंकि शनि संतुलन और न्याय के देवता हैं. गलत प्रवृत्ति और बेइमान लोगों को पीड़ित करते हैं. जो इंसान ईमानदारी और मेहनत की जिंदगी जीता है उसे शनि पुरस्कार भी देते हैं. जहां से सूर्य का प्रभाव खत्म होता है. वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होता है. इसलिए शनि पूजन के लिए देर शाम या रात का समय सबसे उत्तम माना जाता है.

इस मंत्र के जाप से शनि देव इंसान को उसके सभी बुरे कर्मों के फल से मुक्ति देते हैं.
इस मंत्र के जाप से जीवन में फैली अशांति दूर होती है, बिगड़े काम बनने लगते हैं
इस मंत्र के जाप से शनि इंसान को सम्मान और सुख देते हैं
इस मंत्र के जाप से शनि जाने-अनजाने में हुए पापों और कष्टों से छुटकारा देते हैं

शनि की दृष्टि हर इंसान के लिए टेढ़ी नहीं होती, क्योंकि शनि संतुलन और न्याय के देवता हैं. गलत प्रवृत्ति और बेइमान लोगों को पीड़ित करते हैं. जो इंसान ईमानदारी और मेहनत की जिंदगी जीता है उसे शनि पुरस्कार भी देते हैं

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