यह वादी ए कश्मीर Yeh Vadi E Kashmir Lyrics in Hindi from Aabroo (1968)

Yeh Vadi E Kashmir Lyrics in Hindi. यह वादी ए कश्मीर song from Aabroo 1968.

Song Name : Yeh Vadi E Kashmir
Album / Movie : Aabroo 1968
Star Cast : Ashok Kumar, Nirupa Roy
Singer : Mohammed Rafi
Music Director : Master Sonik, Om Prakash Sonik
Lyrics by : G.L. Rawal
Music Label : Saregama

Yeh Vadi E Kashmir Lyrics in Hindi :

हर चेहरा यहाँ चाँद
हर चेहरा यहाँ चाँद
तो हर ज़र्रा सितारा
हर चेहरा यहाँ चाँद
तो हर ज़र्रा सितारा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद
तो हर ज़र्रा सितारा
हर चेहरा यहाँ चाँद
तो हर ज़र्रा सितारा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद

हस्ती हैं जो कलियाँ तो
हसीं फूल हैं खिलते
हस्ती हैं जो कलियाँ तो
हसीं फूल हैं खिलते
हैं लोग यहाँ जैसे
उतर आये फ़रिश्ते
हर दिल से निकलती है
यहाँ प्यार की धरा
हर दिल से निकलती है
यहाँ प्यार की धरा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद

ये चोटियां बर्फों की
हैं आज़ादी का परचम
ये चोटियां बर्फों की
हैं आज़ादी का परचम
हंसती है ग़ुलामी पे
ये इन्सान की हरदम
देती है आकाश को
बाहों का सहारा
देती है आकाश को
बाहों का सहारा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद

दिन रात हवा साज
बजती है सुहाने
दिन रात हवा साज
बजती है सुहाने
नदियों के लबों पर हैं
मोहब्बत के तराने
मस्ती में ही डूबा
हुआ बेहोश किनारा
मस्ती में ही डूबा
हुआ बेहोश किनारा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद

ये जलवा े रंगीन है
किसी ख्वाब की ताबीर
ये जलवा े रंगीन है
किसी ख्वाब की ताबीर
या फूलों में बैठी
हुई दुल्हन की है तस्वीर
या थम गया चलता
हुआ परियों का शिकार
या थम गया चलता
हुआ परियों का शिकार
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर दिल से निकलती है
यहाँ प्यार की धरा
हर दिल से निकलती है
यहाँ प्यार की धरा
ये वादी ए कश्मीर है
जन्नत का नज़ारा
जन्नत का नज़ारा
हर चेहरा यहाँ चाँद.

Yeh Vadi E Kashmir Lyrics in English :

Har chehra yahan chaand
Har chehra yahan chaand
To har zarra sitara
Har chehra yahan chaand
To har zarra sitara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand
To har zarra sitara
Har chehra yahan chaand
To har zarra sitara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand

Hasati hain jo kaliyaa to
Hasin phul hain khilate
Hasati hain jo kaliyaa to
Hasin phul hain khilate
Hain log yaha jaise
Utar aaye farishte
Har dil se nikalti hai
Yaha pyar ki dhaara
Har dil se nikalti hai
Yaha pyar ki dhaara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand

Ye chotiyan barafon ki
Hain aazadi ka parcham
Ye chotiyan barafon ki
Hain aazadi ka parcham
Hansti hai gulami pe
Ye inasan ki hardam
Deti hai aakash ko
Baahon ka sahara
Deti hai aakash ko
Baahon ka sahara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand

Din raat hava saaj
Bajati hai suhaane
Din raat hava saaj
Bajati hai suhaane
Nadiyon ke labon par hain
Mohabbat ke taraane
Masti mein hai duba
Hua behosh kinara
Masti mein hai duba
Hua behosh kinara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand

Ye jalva e rangin hai
Kisi khwab ki taabir
Ye jalva e rangin hai
Kisi khwab ki taabir
Yaa phulon mein baithi
Hui dulhan ki hai tasvir
Ya tham gaya chalta
Huaa pariyon ka shikara
Ya tham gaya chalta
Huaa pariyon ka shikara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har dil se nikalti hai
Yaha pyar ki dhaara
Har dil se nikalti hai
Yaha pyar ki dhaara
Ye vaadi e kashmir hai
Jannat kaa nazara
Jannat kaa nazara
Har chehra yahan chaand.

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