मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarse Lyrics in Hindi from Aaye Din Bahar Ke (1966)

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarse Lyrics in Hindi. मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे song from Aaye Din Bahar Ke 1966.
Song Name : Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarse
Album / Movie : Aaye Din Bahar Ke 1966
Star Cast : Dharmendra, Asha Parekh, Balraj Sahni
Singer : Mohammed Rafi
Music Director : Laxmikant Shantaram Kudalkar (Laxmikant Pyarelal), Pyarelal Ramprasad Sharma (Laxmikant Pyarelal)
Lyrics by : Anand Bakshi
Music Label : Saregama

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarse Lyrics in Hindi :

मेरे दिल से सितमगर तूने अच्छी दिल्लगी की है
के बनके दोस्त अपने दोस्तों से दुश्मनी की है
मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मुझे ग़म देनेवाले तू ख़ुशी को तरसे
मेरे दुश्मन

तू फूल बने पतझड़ का तुझपे बहार न आये कभी
मेरी ही तरह तू तड़पे तुझको करार न आये कभी
तुझको करार न आये कभी
जी तू इस तरह से जिंदगी को तरसे
मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मेरे दुश्मन

इतना तोह असर कर जाये मेरी वफाएं ओ बेवफा
एक रोज तुझे याद आये अपनी जफाये ओ बेवफा
अपनी जफाये ओ बेवफा
होक रोये तू हसि को तरसे
मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मेरे दुश्मन

तेरे गुलशन से ज्यादा वीरान कोई विराना न हो
इस दुनिया में कोई तेरा अपना तोह क्या बेगाना न हो
अपना तोह क्या बेगाना न हो
किसी का प्यार क्या तू बेरुखी को तरसे
मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मुझे ग़म देनेवाले तू ख़ुशी को तरसे
मेरे दुश्मन.

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarse Lyrics in English :

Mere dil se sitamgar tune achchhi dillagi ki hai
Ke banke dost apane dosto se dushamani ki hai
Mere dushman tu meri dosti ko tarse
Mere dushman tu meri dosti ko tarse
Mujhe gham denewale tu khushi ko tarse
Mere dushman

Tu phul bane patzad ka tujhpe bahar na aaye kabhi
Meri hi tarah tu tadpe tujhako karar na aaye kabhi
Tujhako karar na aaye kabhi
Ji tu iss tarah se jindagi ko tarse
Mere dushman tu meri dosti ko tarse
Mere dushman

Itna toh asar kar jaye meri wafaye o bewafa
Ek roj tujhe yad aaye apani jafaye o bewafa
Apani jafaye o bewafa
Hoke roye tu hasi ko tarse
Mere dushman tu meri dosti ko tarse
Mere dushman

Tere gulshan se jyada viraan koi virana na ho
Iss duniya mein koyi tera apana toh kya begana na ho
Apana toh kya begana na ho
Kisi ka pyar kya tu berukhi ko tarse
Mere dushman tu meri dosti ko tarse
Mujhe gham denewale tu khushi ko tarse
Mere dushman.

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