Skip to content

है बलकारी और ब्रम्हचारी लख्खा जी भजन लिरिक्स

0 1965

भजन है बलकारी और ब्रम्हचारी लख्खा जी भजन लिरिक्स
तर्ज – आवारा हवा का झोंका हूँ।

है बलकारी और ब्रम्हचारी,
अवतारी जो नाथ भुजंगी है,
कोई और नही है वो मेरा,
सालासर का बजरंगी है।।

संकटहर्ता मंगलकर्ता,
ये बल बुद्धि का दाता है,
ये बल बुद्धि का दाता है,
सिया राम ही राम रटें हरदम,
ये भक्त बड़ा सत्संगी है,
कोई और नही है वो मेरा,
सालासर का बजरंगी है।।

योद्धावि जगत मे है ये विकट,
दुष्टों को मारे उलट पलट,
दुष्टों को मारे उलट पलट,
किस्मत को देता है ये पलट,
दुःख दूर करे सब तंगी है,
कोई और नही है वो मेरा,
अंजनी का लाल बजरंगी है।।

रावण का दूर गरूर किया,
जो समझे था इनको बंदर,
जो समझे था इनको बंदर,
और सभा के अंदर रावण ने,
ये मान लिया ये जंगी है,
कोई और नही है वो मेरा,
रुद्रावतार बजरंगी है।।

बजरंगबाला अंजनी लाला,
तू ही मेंहदीपुर वाला है,
तू ही मेंहदीपुर वाला है,
तेरे ‘राजपाल’ को पंचमुखी,
तेरी लगती मूरत चंगी है,
है बलकारी और ब्रम्हचारी,
अवतारी जो नाथ भुजंगी है।।

हैं बलकारी और ब्रम्हचारी,
अवतारी जो नाथ भुजंगी है,
कोई और नही है वो मेरा,
सालासर का बजरंगी है।।

Watch Music Video Bhajan Song :

Leave a Reply

Your email address will not be published.