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हे शीश के दानी श्याम प्रभु तेरे दर की महिमा भारी है कृष्ण भजन लिरिक्स

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हे शीश के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है,
तेरे दर की महिमा भारी है,
जाने ये दुनिया सारी है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

ना अहिलवती को वचन दिया,
हारे का हर दम साथ दिया,
जिसका कोई ना कलयुग में,
बाबुल बन उसको तार दिया,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

द्वापर में शीश का दान दिया,
जिनसे जो माँगा बाँट दिया,
जो शरण में तेरे है आया,
पल भर में भव से पार किया,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

नरसी चरणों में बैठ प्रभु,
तुझे दिल का हाथ सुनाते है,
इस दर पे निखिल आने से,
संकट सारे कट जाते है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

हे शीश के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है,
तेरे दर की महिमा भारी है,
जाने ये दुनिया सारी है,
हे शीष के दानी श्याम प्रभु,
तेरे दर की महिमा भारी है।।

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