हे जीके राम नाम का खटका वो नहीं जगत में भटक्या

हरियाणवी भजन हे जीके राम नाम का खटका वो नहीं जगत में भटक्या

हे जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

बाला जी की माया न्यारी,
भूतांं क मार कसूती मारी,
हे वो संकट ठा ठा पटक्या,
वो नहीं जगत में भटक्या,
हैं जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

सिया राम का है वरदानी,
जिसने इसकी महिमा जाणी,
हे वो लेवः स्वर्ग का लटका,
वो नहीं जगत में भटक्या,
हैं जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

संकट मोचन नाम है प्यारा,
अंजनी माँ की आंख का तारा,
यो खोलः ताला घटका,
वो नहीं जगत में भटक्या,
हैं जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

राजू शर्मा क्यों घबरावः,
सुरजमल गुरु जी ज्योत जगावः,
दुष्टांं ने दिखादे झटका,
वो नहीं जगत में भटक्या,
हैं जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

हे जीके राम नाम का खटका,
वो नहीं जगत में भटक्या।।

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