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हर सांस हो आपकी बंदगी के लिए भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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हर सांस हो आपकी,
बंदगी के लिए।

दोहा – हर सांस में तेरा नाम हो,
तुझसे जुडी हो मेरी ज़िन्दगी,
अब तो हर पल ओ बाबा,
श्याम बस करनी है तेरी बंदगी,
बस करनी है तेरी बंदगी।

साँसों की ज़रूरत हो जैसे,
ज़िन्दगी के लिए,
हर सांस हो आपकी,
बंदगी के लिए।।

दर पे जाकर ही,
दुःख भूल जाता हूँ,
पड़ती ज़रूरत जो,
इनको बुलाता हूँ,
चला आता हूँ,
तेरे द्वार पर,
देने शुक्राना,
दोनों हाथ जोड़ कर,
जब जब पुकारा है तुमको,
जब जब पुकारा है तुमको,
आये मेरे लिए,
हर साँस हो आपकी,
बंदगी के लिए।।

हर ग्यारस खाटू,
जाना मेरा हो,
ऐसा सौभाग्य,
बाबा मेरा हो,
दर्शन करूँ,
बड़े चाव से,
धोक लगाऊं बाबा,
मैं बड़े भाव से,
रींगस से खाटू मैं आऊं,
रींगस से खाटू मैं आऊं,
निशान तेरा लिए,
हर साँस हो आपकी,
बंदगी के लिए।।

अब तो मेरे दिल की,
एक ही तमन्ना है,
जन्मो जन्म तेरा,
प्रेमी बनना है,
मेरी ज़िन्दगी,
तेरे नाम है,
आशु कहता मैं तेरा,
तू मेरा श्याम है,
महिमा को तेरी ही गाये,
आशु जब तक जिए,
हर साँस हो आपकी,
बंदगी के लिए।।

साँसों की ज़रूरत हो जैसे,
ज़िन्दगी के लिए,
हर साँस हो आपकी,
बंदगी के लिए।।

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