हम परदेसी फ़कीर हमें याद करोगे।।

हम परदेसी फ़कीर
हमें याद करोगे।।

रमता जोगी बहता पानी,
उनकी महिमा कौन न जानी
बांध सके न ज़ंजीर,
हमें याद करोगे,
हम परदेसी फ़कीर
हमें याद करोगे।।

कहाँ रम जाना कहाँ है ठिकाना,
आज यहाँ रहना कल चले जाना
अब तो हुए बेतीर,
हमें याद करोगे,
हम परदेसी फ़कीर
हमें याद करोगे।।

हाथ कमंडल,
बगल में झोला,
दसों दिशा जागीर,
हमें याद करोगे,
हम परदेसी फ़कीर
हमें याद करोगे।।

भजन बिना,
सुना जीवन,
कह गए दास कबीर,
हमें याद करोगे,
हम परदेसी फ़कीर
हमें याद करोगे।।

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