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सैया आरती उतारा अपना गुरा पिरा री राजस्थानी भजन लिरिक्स

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सैया आरती उतारा,
अपना गुरा पिरा री,
अरे गुरु पीरा री,
अपना साच्चा गूरा री,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सया पहला जूगा में,
प्रहलाद जोवता,
अरे आरती उतारे,
या तो रत्ना देवी नार,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सया दूजा जूगा में,
हरिश्चंद्र जोवता,
अरे आरती उतारे,
तारा देवी नार,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सया तीजा जूगा मे,
जेठल जोवता,
अरे आरती उतारे,
द्रोपदी देवी नार,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सया चौथा जूगा में,
बली चन्द्र जोवता,
अरे आरती उतारे राणी,
संध्या देवी नार,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सइया पाचा साता नवा,
बाहरमा ईतो बोल्या,
रुपा देवी नार,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

सैया आरती उतारा,
अपना गुरा पिरा री,
अरे गुरु पीरा री,
अपना साच्चा गूरा री,
सइयाँ आरती उतारा,
अपना गूरा पीरा री।।

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