सैया आज पूनम की है रात गई रे सतसंगत में लिरिक्स

प्रकाश माली भजन सैया आज पूनम की है रात गई रे सतसंगत में लिरिक्स
गायक – प्रकाश माली जी।

सैया आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में,
मारा सिमरत पकडी बाय,
भिगोई घेरा रंग में,
सुरता आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत मे।।

सुरता दिसे रूप स्वरूप,
कवारी क्यु रही,
सुरता दिसे रूप स्वरूप,
कवारी क्यु रही,
मारा सिमरत मिलीया नाही,
कवारी यु रही,
मारा सिमरत मिलीया नाही,
कवारी यु रही,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सुरता प्रेम री प्रीत लगाय,
ज्ञान लत लेलीया,
सुरता प्रेम री प्रीत लगाय,
ज्ञान लत लेलीया,
सुरता चरनो रो खंभ रोपाय,
तोरन हद बोंधीया,
सुरता चरनो रो खंभ रोपाय,
तोरन हद बोंधीया,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सुरता अलद उलद रे बीच,
रतन चवरी मांडी,
सुरता अलद उलद रे बीच,
रतन चवरी मांडी,
सुरता हरि सु हथलेवो जोड,
सुरत फिर आपरी,
सुरता हरि सु हथलेवो जोड,
सुरत फिर आपरी,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सुरता दिना पदार्थ चार,
रतन दश दायजो,
सुरता दिना पदार्थ चार,
रतन दश दायजो,
सुरता गेना ज्ञान स्वरूप,
हार निज नाम रो,
सुरता गेना ज्ञान स्वरूप,
हार निज नाम रो,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सुरता भेजीया पियाजी रे देश,
लपछेडो नही राखीयो,
सुरता भेजीया पियाजी रे देश,
लपछेडो नही राखीयो,
सुरता पिवरिया मे नही रे सुहाय,
पिया रे घर जावनो,
सुरता पिवरिया मे नही रे सुहाय,
पिया रे घर जावनो,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सुरता छोड्यो मोमाल ने मासेर,
बुआ दश बेनडली,
सुरता छोड्यो मोमाल ने मासेर,
बुआ दश बेनडली,
सुरता छोड्यो सहेलीयो रो साथ,
पिया रे घर जावनो,
सुरता छोड्यो सहेलीयो रो साथ,
पिया रे घर जावनो,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में।।

सैया आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में,
सईयाँ आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत में,
मारा सिमरत पकडी बाय,
भिगोई घेरा रंग में,
सुरता आज पूनम की है रात,
गई रे सतसंगत मे।।

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