सूनी है गोद मेरी भर दे साँवरिया भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

सूनी है गोद मेरी भर दे साँवरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया।।

पुत्र दो या पुत्री दो ममता बरसाउंगी,
तेरी सौगात बाबा सीने से लगाऊंगी,
गूंजे किलकारी घर में दिन और रतिया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया।।

बांझ नही कहलाऊँ मैं ऐसा वरदान दो,
इस दुखिया का जग में नही अपमान हो,
सुनती हूँ ताने सबके खरी खोटी बतिया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया।।

मेरे आसुंओ की धारा गंगा सी बहती है,
कब होगी आस पुरी आत्मा ये कहती हैं,
विनती स्वीकार करो जग के खिवैया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया।।

सूनी है गोद मेरी भर दे साँवरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,
नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया।।

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