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सांवरिया मेरा बाबा लखदातार है भजन फ़िल्मी तर्ज भजन लिरिक्स

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सांवरिया मेरा बाबा,
लीले का असवार है,
ये लखदातार है,
श्याम सरकार है।।

-तर्ज- – कहो ना प्यार है।

कलयुग में घर घर में,
होती है बाबा की पूजा,
हारे का साथी कोई,
देव ना कोई दूजा,
दुखियों का भक्तो का,
यारो का ये यार है,
ये लखदातार है,
श्याम सरकार है।।

मोर मुकुट शीश पे है,
माथे पे केसर का टिका,
पचरंगा बागा है,
क्या सुन्दर श्याम धनि का,
मन बसिया हाय रसिया,
क्या सुन्दर श्रृंगार है,
ये लखदातार है,
श्याम सरकार है।।

कीर्तन में आ जाओ,
मेरे बांके बिहारी,
‘बैरागी’ पे किरपा करो,
सांवरिया एक बारी,
भजनों की फूलों की,
अंजलि ये सत्कार है,

ये लखदातार है,
श्याम सरकार है।।

सांवरिया मेरा बाबा,
लीले का असवार है,
ये लखदातार है,
श्याम सरकार है।।

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