साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे जीवन में आई बहार मैया जी

दुर्गा माँ भजन साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे जीवन में आई बहार मैया जी
स्वर – द्वारिका मंत्री
तर्ज – साँची कहे तोरे आवन से।

साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी,
मैया की सूरत ममता की मूरत,
सुनती हो सबकी पुकार मैया जी,
साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

की तेरी सेवा माँ तुझको ही पूजा,
मैया के जैसा ना है कोई दूजा,
अब हमने जाना की ममता तुम्हारी,
होती है कितनी उदार मैया जी,
साँची कहे तेरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

जीवन में मेरे था बहुत अँधेरा,
देखा तुम्हे मैया आया सवेरा,
राह भी मिल गई,
मंजिल भी मिल गई,
भक्तो पे करती उपकार मैया जी,
साँची कहे तेरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

बचपन से हम मैया कह कह के हारे,
कोई हमे भी तो बेटा पुकारे,
दे दे माँ दर्शन बच्चो को अपने,
खुशियो की आए बहार मैया जी,
साँची कहे तेरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

दौलत भी देदी मैया शोहरत भी देदी,
मांगी मुरादे तूने सब पूरी कर दी,
‘मंत्री’ ये सोचे कैसे चुकाऊं,
मुझपर जो तेरा अहसान मैया जी,
साँची कहे तेरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी,
मैया की सूरत ममता की मूरत,
सुनती हो सबकी पुकार मैया जी,
साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे,
जीवन में आई बहार मैया जी।।

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