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श्री वृहस्पति Shree Brihaspati Dev Ki Aarti Lyrics In Hindi– Tara Devi

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collection of Bhakti songs lyrics.

Shree Brihaspati Dev Ki Aarti Song Lyrics Description From Album- Tara Devi

Lyrics Title: Shree Brihaspati Dev Ki Aarti
Singers: Tara Devi
Lyrics: Traditional
Music: Amit Singh
Music Company: Ambey bhakti.

श्री वृहस्पति Shree Brihaspati Dev Ki Aarti Song Lyrics In Hindi:

जय वृहस्पति देवा,
ऊँ जय वृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,
कदली फल मेवा ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर,
तुम सबके स्वामी ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

चरणामृत निज निर्मल,
सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक,
कृपा करो भर्ता ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

तन, मन, धन अर्पण कर,
जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर,
आकर द्घार खड़े ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

दीनदयाल दयानिधि,
भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता,
भव बंधन हारी ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

सकल मनोरथ दायक,
सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटा‌ओ,
संतन सुखकारी ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

जो को‌ई आरती तेरी,
प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर,
सो निश्चय पावे ॥
॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

सब बोलो विष्णु भगवान की जय ।
बोलो वृहस्पतिदेव भगवान की जय ॥

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Official Music Video of Shree Brihaspati Dev Ki Aarti:

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