लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला भजन लिरिक्स

भजन लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला भजन लिरिक्स
गायक – विक्की सदावर्तिया जी।
तर्ज – ऐसा देश है मेरा।

लाल देह और लाल है चोला,
मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में,
और गले में माला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

बजरंगबली के डर से,
सब भूत भाग जाते हैं,
इनकी माला जपने से,
सोये भाग्य जाग जाते है,
तो फिर तो,
नई रोशनी नया सवेरा-2,
दूर अंधेरा काला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

सियाहरण समय बाला ने,
श्री राम के काज सँवारे,
माता का पता लगाया,
और बन गए प्रभु के प्यारे,
और फिर,
लंका नगरी को बाला ने-2,
तहस नहस कर डाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

ये रामभक्त कहलाते,
प्रभु जी दिल में रहते है,
इसलिए ये दुनिया वाले,
इनको राम दूत कहते है,
प्रभु जी,
इनसे एक पल बिछुड़ ना पाए-2,
बन्धन है ये निराला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

लाल देह और लाल है चोला,
मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में,
और गले में माला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

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