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राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल केशव माधव हरी हरी बोल लिरिक्स

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राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
हरि हरि बोल प्यारे हरी हरी बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
राधें राधें गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल।।

राधा ही जीवन राधा ही प्राण,
राधा ही धड़कन राधा ही जान,
राधा ही सारी श्रष्टि का तोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
राधें राधें गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल।।

राधा ही नदिया राधा ही धारा,
राधा ही निर्गुण ब्रम्ह नियारा,
द्वार तू अपने मन का खोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
राधें राधें गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल।।

राधा ही अंतर प्राणों को शक्ति,
राधा की अविरल प्रेम की भक्ति,
प्रेम से राधे राधे बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
राधें राधें गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल।।

राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
हरि हरि बोल प्यारे हरी हरी बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल,
राधें राधें गोविन्द गोविन्द बोल,
केशव माधव हरी हरी बोल।।

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