राधा नाम लेके नाचू झूमूँ गाउँ मैं वृन्दावन की गलियन में

राधा नाम लेके नाचू झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

राधा नाम पे सर्वस्व वारु,
निशदिन राधा नाम पुकारूँ,
निशदिन राधा नाम पुकारूँ,
कृपा श्यामा की हरपल मनाऊं,
राधा नाम लेके नाचु झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

राधा नाम अमृत का सागर,
पागल मन तू भर ले गागर,
पागल मन तू भर ले गागर,
कई जन्मो की प्यास बुझाऊँ,
राधा नाम लेके नाचु झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

राधा नाम की लगन लगा के,
राधा नाम हृदय में बसा के,
सुध बुध तन की बिसराऊँ,
राधा नाम लेके नाचु झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

‘चित्र विचित्र’ गायें महिमा तुम्हारी,
रहे सदा चरणों के पुजारी,
रहे सदा चरणों के पुजारी,
श्यामा चरण कमल रज पाऊं,
राधा नाम लेके नाचु झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

राधा नाम लेके नाचू झूमूँ गाउँ,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं वृन्दावन की गलियन में,
मैं बरसाने की गलियन में।।

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