Skip to content

यहाँ प्यार की बाते होती है नफरत को मिटाया जाता है श्याम बाबा भजन लिरिक्स

  • by
0 2760

यहाँ प्यार की बाते होती है

दोहा : श्री कृष्ण को चाहता हूँ मैं
और आशिक़े सुभान हूँ मैं
वेद पढ़ लेता हूँ मैं
और वाक़िफ़े जहाँ हूँ मैं।
मेरा कर्म है सबको
समझना अपना
और बना क्या क्या नहीं
बस इंसान हूँ मैं।

यहाँ प्यार की बाते होती है
नफरत को मिटाया जाता है
मिलजुल के यहां सब रहते हैं
दिल दिल से मिलाया जाता है।।

तकदीर के मारे बंदों की
तकदीर बनाई जाती है
दर दर पर भटकने वालों को
मेरे श्याम से मिलाया जाता है
यहाँ प्यार की बातें होती है
नफरत को मिटाया जाता है।।

हर मोड़ पे हमको मिलते हैं
दिल तोड़ने वाले दुनिया में
इस दर पे सभी के जख्मों पे
मरहम को लगाया जाता है
यहाँ प्यार की बातें होती है
नफरत को मिटाया जाता है।।

यह बंदे हैं इमा वाले
मान की बातें करते हैं
मानवता भाईचारे का
यहां पाठ पढ़ाया जाता है

यहाँ प्यार की बातें होती है
नफरत को मिटाया जाता है।।

बाबा का करम है हम सब पर
हम त्योहार मनाते हैं हर दिन
जन्नत से भी जो प्यारा है
दरबार सजाया जाता है
यहाँ प्यार की बातें होती है
नफरत को मिटाया जाता है।।

यहाँ प्यार की बातें होती है
नफरत को मिटाया जाता है
मिलजुल के यहां सब रहते हैं
दिल दिल से मिलाया जाता है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.