म्हारो सायब बसे परदेस जोऊं मैं बाटड़ली लिरिक्स

म्हारो सायब बसे परदेस,
जोऊं मैं बाटड़ली।।

सायब ने मैं सपने में देख्या,
सायब ने मैं सपने में देख्या,
मासु किनी बात,
बेगा आजो भूल मत जाजो,
झुर झुर रोवे नार रे,
जोऊं मैं बाटड़ली,
श्याम की जोऊं मैं बाटड़ली,
म्हारो सायब बसे परदेश,
जोऊं मैं बाटड़ली।।

रात पूनम री था बिन सुनी,
रात पूनम री था बिन सुनी,
था बिन सारी सेजा सुनी,
सुनी है थारी नार रे,
जोऊं मैं बाटड़ली,
श्याम की जोऊं मैं बाटड़ली,
म्हारो सायब बसे परदेश,
जोऊं मैं बाटड़ली।।

म्हारो सायब बसे परदेस,
जोऊं मैं बाटड़ली।।

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