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म्हारा घर का थे पालनहार म्हाने थे धीर बंधाओ जी कृष्ण भजन लिरिक्स

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म्हारा घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी,
निंदिया ना आवे बाबा श्याम,
निंदिया ना आवे बाबा श्याम,
थे सिर पर हाथ फिराओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

काली घटाएं काले है बादल,
सर मेरे मंडराए,
बिजली भी चमके,
बादल भी कड़के,
अब ना देर करो म्हारा श्याम,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

छायो अँधियारो जीवन में मेरे,
क्यों ना दरश दिखाओ जी,
थारी बाट उडीका म्हारा श्याम,
म्हणे क्यों तरसाओ जी,
अब तो आ जाओ घनश्याम,
क्यों थे म्हाने रुलाओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

बचपन सु माँ ने म्हारे ओ बाबा,
थारो ही दरस करायो जी,
हारे को साथी म्हारो यो बाबा,
यो ही म्हणे बतलायो जी,
सबकी बिगड़ी बनाए बाबा श्याम,
मेरी बिगड़ी बनाओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

आशीष की है या ही विनती,
म्हणे थे चाकर लगाओ जी,
चाकर लगाओ दुखड़ा मिटाओ,
म्हारे थे निडे बुलाओ जी,
मेरा दुखड़ा मिटाओ बाबा श्याम,

म्हाने थे धीर बंधाओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

म्हारा घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी,
निंदिया ना आवे बाबा श्याम,
निंदिया ना आवे बाबा श्याम,
थे सिर पर हाथ फिराओ जी,
म्हारां घर का थे पालनहार,
म्हाने थे धीर बंधाओ जी।।

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