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म्हारा कान्हा जी पधारो म्हारे आंगणे सा भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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मैं रंग रंगीला मांड्या,
घर में मांडणा सा,
म्हारा कान्हा जी पधारो,
म्हारे आंगणे सा।।

पालने झुलावां थाने गोदी में खिलावां,
घुड़ल्यो बणा मैं थारो नाच के दिखावां,
थारे पैरा में पहरावां घुंघर बाजणा सा,
म्हारा कान्हा जी पधारों,
म्हारे आंगणे सा।।

केसरिया बागो बाबा थाने मैं पहरावां,
मोर मुकुट पे थारे हीरा मैं जड़ावां,
बुरी नजरां से बचावां मन भावणा सा,
म्हारा कान्हा जी पधारों,
म्हारे आंगणे सा।।

माखन मिश्री को भोग मैं लगावां,
छप्पन भोग का थारा थाल मैं सजावां,
थारा भगत करे मनुहार सेवा मानना सा,
म्हारा कान्हा जी पधारों,
म्हारे आंगणे सा।।

श्याम दीवाना थारी महिमा है गावे,
ग्यारस की ग्यारस थारी ज्योत है जगावे,
थारे भजनां में बणजावां सगला बावला सा,
म्हारा कान्हा जी पधारों,
म्हारे आंगणे सा।।

मैं रंग रंगीला मांड्या,
घर में मांडणा सा,
म्हारा कान्हा जी पधारो,
म्हारे आंगणे सा।।

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