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म्हाने पिहरियो सो लागे खाटू धाम भजन राजस्थानी भजन लिरिक्स

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म्हाने पिहरियो सो लागे खाटू धाम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।

बाबुल बुलावे म्हाने गाँव रे,
सखी बाबुल बुलावे म्हाने गाँव।

म्हाने पिहरियो सो लागे खाटू धाम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये,
म्हाणे पिहरियो सो लागे खाटू धाम
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।।

मिणे का दिन गिन गिन काटा,
जद या ग्यारस आवे,
मिणे का दिन गिन गिन काटा,
जद या ग्यारस आवे,
बाबुल म्हारो बड़ो सयाणो,
झाला देर बुलावे,
म्हाने सासरिये में करणों पड़े काम,
म्हाने सासरिये में करणों पड़े काम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।।

अइये को पिहरियो म्हारो,
सासरियो भी पूजे,
म्हारे ससुराल में,
बाबुल को नाम ही गूँजे,
म्हारे बाप जी रो उँचो बड़ो नाम,
म्हारे बाप जी रो उँचो बड़ो नाम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये,
म्हारे बाप जी रो उँचो बड़ो नाम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।।

म्हारे चिंता क्या की,
म्हारे पिहर का को जोर,
गाँव गाँव और शहर शहर,
बाबुल के नाम को शोर,
‘शुभम रूपम’ म्हाने आवे है आराम,
‘शुभम रूपम’ म्हाने आवे है आराम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये,
‘शुभम रूपम’ म्हाने आवे है आराम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।।

म्हाणे पिहरियो सो लागे खाटू धाम,
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये,
म्हाणे पिहरियो सो लागे खाटू धाम
रेहवा द्यो म्हाने पिहरिये।।

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