मैं हूँ दासी तेरी दातिए माता भजन लिरिक्स

दुर्गा माँ भजन मैं हूँ दासी तेरी दातिए माता भजन लिरिक्स

मैं हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

मेरा प्राणो से प्यारा पति,
मुझसे बिछड़े ना रूठे कभी,
माता रानी इसे मेरी आयु लगे,
ये मनोकामना है मेरी,
माँ तेरे लाल की,
माँ तेरे लाल की मैं हूँ अर्धांगिनी,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

मैया तू ही मेरी आस है,
मेरा तुझपे ही विश्वास है,
आसरा है तेरा,
मुझपे करना दया,
मेरी तुझसे ये अरदास है,
बिन तेरे प्यार के,
बिन तेरे प्यार के क्या मेरे पास है,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

मैं हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए,
मैया जब तक जियूं,
मैं सुहागन रहूं,
मुझको इतना तू वरदान दे,
मै हूँ दासी तेरी दातिए,
सुन ले विनती मेरी दातिए।।

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