मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में जाऊं ए माय भजन लिरिक्स

नागर जी भजन मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में जाऊं ए माय भजन लिरिक्स
स्वर – संत श्री कमलकिशोर जी नागर।

मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में,
जाऊं ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

घर में नी लागे मन बाहर लागे,
दौड़ दौड़ मन सत्संग भागे,
म्हने हरी की तो हर घड़ी आवे रे माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

नातो नहीं लागे मने रिश्तो नी लागे,
कोई नाती नहीं लागे मने पोती नी लागे,
म्हने नटवर नागर से नातो ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

नींद नी आवे म्हने आनंद आवे,
सपनो में आकर मन ललचावे,
मने छम छम करि चमकावे ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

लाज भी आवे मने घणो यो लजावे,
घर में जा सो गई लाज के मारे,
मने हिचकी दे दे बुलावे ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

खानो नहीं भावे मने पीनो नहीं भावे,
रास रचइयो म्हने घणो तरसावे,
मने मोहनिया री मूरत घणी भावे ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

कमल नी भावे मने चमन नी भावे,
गगन नी भावे मने वतन नी भावे,
काली कमली वालो घणो भावे ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में,
जाऊं ए माय,
सपना में आयो सांवरियो,
म्हारा सपना में आयो सांवरियो।।

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