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मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले भजन लिरिक्स

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तेरे रंग में रंगा हर जमाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

सारे जग में तेरा ही तो एक नूर है,
मेरा कान्हा भी तुझसे ही मशहूर है,
बद किस्मत है वो जो तुझसे दूर है,
तेरा नाम का हर मस्ताना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

तेरी रहमत के गीत गाने आया हूँ मैं,
कई गुनाहों की सौगात लाया हूँ मैं,
कर दो करुणा जगत का सताया हूँ मैं,
रहमत का ईशारा नजराना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

तेरी पायल बंसी उनकी बजती रहे,
जोड़ी प्रीतम प्यारे की सजती रहे,
तेरे रसिको पे छाई ये मस्ती रहे,
तेरे चरणों की रज में ठिकाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

तेरा बरसाना राधे मेरी जान है,
मेरे अरमानो की आन है शान है,
तेरी गलियों पे चाकर ये कुर्बान है,
गाउँ जब भी तेरा अफसाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी,
बरसाना फले ये सदा है मेरी,
तेरे चरणों में रहना सजा है मेरी,
‘रवि’ रस का सदा ही दीवाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

तेरे रंग में रंगा हर जमाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले,
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले।।

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