Skip to content

मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना भूल जाने के काबिल नहीं है भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

  • by
0 2361

मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है,
चोट खाई है जो दिल पे मैंने,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

जबसे देखा है जलवा तुम्हारा,
कोई आँखों को जचता नहीं है,
यूँ तो देखे बहुत नूर वाले,
सारे आलम में तुझसा नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

मोहब्बत का तकाजा यही है,
ना तुम बदलो हमसे,
ना हम बदले तुमसे,
तुम तो ऐसे बदलने लगे हो,
आज तक कोई बदला नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

तेरी सूरत पे कुर्बान जाऊं,
तेरी आँखे है या मय के प्याले,
जिनको नजरो से तुमने पिलाई,
होश आने के काबिल नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

मैंने पूछा की अब कब मिलोगे,
पहले मुस्काए फिर तन के बोले,
सबके दिल में समाए हुए है,
आने जाने के जरुरत नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

जबसे देखा है जलवा तुम्हारा,
कोई आँखों को जचता नहीं है,
यूँ तो देखे बहुत नूर वाले,
सारे आलम में तुझसा नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मूस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना
भूल जाने के काबिल नहीं है,
चोट खाई है जो दिल पे मैंने,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना,
भूल जाने के काबिल नहीं है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.