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मेरे कान्हा नज़र आये भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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गोकुल पहुंचा जो दर्शन को,
मैंने देखा जो सामने,
मेरे कान्हा नज़र आये,
मुरली वाले नज़र आये,
बंद करके जो आँखों को,
अब बैठा हूँ सामने,
मेरे कान्हा नज़र आए,
मुरली वाले नज़र आए,
गोकुल पहुंचा जो दर्शन को।।

ये सब जो मेरे पास है,
वो तेरा दिया है,
कृपा हुई ठाकुर मेरे,
सब तेरी दया है,
अब तेरे भरोसे पे,
सब बैठा हूँ छोड़ के,
ये उम्र गुजर जाए,
तेरे साथ गुजर जाए,
गोकुल पहुंचा जो दर्शन को।।

जीता हूँ तुम्हे देख कर,
मरता हूँ तुम्ही पे,
तुम हो जहाँ कान्हा मेरी,
दुनिया है वही पे,
दिन रात यही मांगू,
कान्हा हो साथ में,
कही मेरी ही गलती से,
मेरा कान्हा ना रूस जाए,
गोकुल पहुंचा जो दर्शन को।।

मुझे तू ना मिले जिस राह पे,
वो राह ही नहीं है,
तू मिल गया ठाकुर मेरे,
कोई चाह नहीं है,
एक श्रद्धा जो मन में हो तो,
कान्हा भी संग चले,
मन सोच के घबराए,
प्रीतम दूर ना हो जाए,

गोकुल पहुंचा जो दर्शन को।।

गोकुल पहुंचा जो दर्शन को,
मैंने देखा जो सामने,
मेरे कान्हा नज़र आये,
मुरली वाले नज़र आये,
बंद करके जो आँखों को,
अब बैठा हूँ सामने,
मेरे कान्हा नज़र आए,
मुरली वाले नज़र आए,
गोकुल पहुंचा जो दर्शन को।।

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