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मेरा दिल अटका सांवरिये पे मुझको तो किसी की खबर नहीं

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मेरा दिल अटका सांवरिये पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

-तर्ज- – दिल लूटने वाले जादूगर।

लगता है ये सीधा साधा,
पर जादू टोने वाला है,
ज़रा सम्भल के रहना छलिये से,
कहीं ढाहे कोई कहर नहीं,
मेरा दिल अटका सांवरिया पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

हर घर में ये पा जाता है,
प्रेमी के मन को भाता है,
ये बहुत पुराना नाता है,
इस बात में कोई फरक नहीं,
मेरा दिल अटका सांवरिया पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

नश्वर है ये जग के रिश्ते,
बनते है बिगड़ते है क्षण में,
फसना अपनी लाचारी है,
इसकी माया का असर यही,
मेरा दिल अटका सांवरिया पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

जो होगा देखा जायेगा,
जिओ तो श्याम की मस्ती में,
अब भला बुरा तो ये सोचा,
हमको तो चिंता फिकर नहीं,
मेरा दिल अटका सांवरिया पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

जब इतना कुछ हो जाता है,
तो ये भी मचलने लगता है,
मिलने को तड़पता प्रेमी से,
रहती फिर श्याम को सबर नहीं,
मेरा दिल अटका सांवरिये पे,
मुझको तो किसी की खबर नहीं।।

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