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मेरा गोविन्द रखवाला भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविन्द रखवाला,
मेरा गोविंद रखवाला,
मेरा गोविंद रखवाला,
मैं नाचूं प्रेम में उसके,
नचाए बांसुरी वाला,
नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

चढ़ा मुझपे नशा ऐसा,
की अब बेहोशी छाई है,
की अब बेहोशी छाई है,
कहा किसने सुना किसने,
ये जाने बांसुरी वाला,
नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

कदम अब रुक नहीं पाते,
की मैं गिरता ही जाता हूँ,
की मैं गिरता ही जाता हूँ,
नहीं सुध अब सम्भलने की,
संभाले बांसुरी वाला,
नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

है दिल में जख्म जितने भी,
वो अब दुखते ना जलते है,
वो अब दुखते ना जलते है,
मेरे घावों पे अब मरहम,
लगाए बांसुरी वाला,
नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

सुनील अब ये तमन्ना है,
की मैं उसमे ही खो जाऊं,
की मैं उसमे ही खो जाऊं,
मैं लेटूँ गोद में उसकी,
सुलाए बांसुरी वाला,

नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविन्द रखवाला,
मेरा गोविंद रखवाला,
मेरा गोविंद रखवाला,
मैं नाचूं प्रेम में उसके,
नचाए बांसुरी वाला,
नहीं परवाह ज़माने की,
मेरा गोविंद रखवाला।।

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