मुनी कहत वशिष्ठ

मुनि कहत वशिष्ठ विचारी

सुन राम वचन हितकारी।। (टेक) ।। मुनि…

यह झूठा सकल पसारा जिम मृगतृष्णा जलधाराजी।

बिन ज्ञान होय दुःख भारी।। सुन….

स्वपने में जीव अकेला जिम देखे जगत का मेलाजी।

तिन जान यह रचना सारी।। सुन…

परब्रह्म एक परकाशे सब नाम रूप भ्रम भासेजी।

जिम सीप मे रजत निहारी।। सुन…

विषयों में सुख कछु नाहीं ब्रह्मानन्द तेरे घट मांहीजी।

कर ध्यान देख निरधारी।। सुन…

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