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मुझको ले लो किशोरी जी शरण हे राधिके श्री राधिके लिरिक्स

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मुझको ले लो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।

श्लोक – जब सौंप दिया सब भार तुम्हे,
फिर मारो या तारो कहे हम क्या,
मझधार में लाकर डुबाओ हमें,
चाहे पार किनारे लगाओ तो क्या,
हम तेरे है तेरे रहेंगे सदा,
किसी और को अब तो निहारेंगे क्या,
पर कुछ आप भी राधे विचार करो,
हम दिन दुखी को सहारो है क्या।

मुझको ले लो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको ले लो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

राधा श्री राधा श्री राधा राधा राधा,
राधा श्री राधा श्री राधा राधा राधा।

भाव नहीं दिल में मेरे,
करि नहीं साधना,
मैं हूँ मलिन मति,
जानू ना आराधना,
मेरा निष्फल हुआ ये जीवन,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको लेलो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

अधमो की नैया पल में,
पार लगाई,
मेरी बारी श्यामा इतनी,
देर क्यूँ लगाई,
मेरे पापों का कर लो हरण,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको लेलो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

जकड़ा पड़ा हूँ श्यामा,
कर्मो के बंधन में,
कब होगी द्रष्टि कृपा की,
मेरे सुने जीवन में,
मेरा जीवन तुम्हारे अर्पण,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको लेलो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

‘चित्र विचित्र’ की श्यामा,
विनय सुन लीजे,
थोड़ी सी जगह चरणों में,
हमको भी दीजे,
तेरे चरणों में जीवन मरण,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको लेलो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

मुझको ले लो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके,
हो मुझको ले लो किशोरी जी शरण,
हे राधिके श्री राधिके।।

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