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माने बुद्धि दो महाराज गजानंद भजन लिरिक्स

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माने बुद्धि दो महाराज गजानंद भजन लिरिक्स माने बुद्धि दो महाराज गजानंद भजन Prakash Mali Bhajan Hindi Lyrics, mane budhdhi dijo maharaj gajanand bhajan, ganpati vandana

।। दोहा ।।
विगन हरण मंगल करण ,लम्बोदर गणराज। 
रिध्धि सिद्धि लेन पधारजो ,पूरण करजो काज।

माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ओ गौरी के नंदा ,
गजानंद गौरी के नंदा। २

पिता तुम्हारे शिव शंकर है ,
मस्तक पे चन्दा।
माता तुम्हारी पार्वती माँ,
जाणे जगत बंदा । २
माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ओ गौरी के नंदा ,
गजानंद गौरी के नंदा। २

मूसक वाहन दुंद दुंदाला ,
पर साहस लेता।
ओजी गले पेजंती ,माला बिराजे ,
चढ़े पुष्प चन्दा। २
माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ओ गौरी के नंदा ,
गजानंद गौरी के नंदा। २

जो नर तुमको नहीं सीवरता ,
उसका भाग मंदा।
जो नर तेरी करे सेवना ,
चले रे जग धन्धा। २
माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ओ गौरी के नंदा ,
गजानंद गौरी के नंदा। २

विगण हरण मंगल करण ,
विद्या वर देना।
कहता कालू राम भजन से कटे रे,
पाप फन्दा। २
माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ओ गौरी के नंदा ,
गजानंद गौरी के नंदा। २

prakash mali ka bhajan

भजन :- माने बुद्धि दीजो महाराज
गायक :- प्रकाश माली

1 thought on “माने बुद्धि दो महाराज गजानंद भजन लिरिक्स”

  1. Pingback: जिस भजन में राम का नाम ना हो लिरिक्स Jis Bhajan Me Ram Ka Naam Na Ho - Fb-site.com

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