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मन में महादेव जी ने दिल में पार्वता भजन राजस्थानी भजन लिरिक्स

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मन में महादेव जी,
ने दिल में पार्वता।

दोहा – शिव समान दाता नहीं,
विपत्ति विदारण हार,
लज्जा म्हारी राखियो,
शिव नंदी के असवार।

मन में महादेव जी,
ने दिल में पार्वता,
बीच में शंकर रो चेलो,
शंख बजावे,
बीच में शंकर रो चेलो,
बंसली बजावे,
बंसली री राग प्यारी,
लागे महादेव रे,
मिन्दर हालो पार्वता,
संखला री राग प्यारी,
लागे महादेव रे मेले,
हालो पार्वता।।

पार्वता केवे तो महादेव,
चुंदड़ी मंगावे,
तारा जड़ियोड़ी चूंदड़,
ओढो महादेवरे मिन्दर,
हालो पार्वता।।

पार्वता केवे तो महादेव,
डमरू बजावे,
डमरू बजाता प्यारा,
लागे महादेवरे मिन्दर,
हालो पार्वता।।

पार्वता केवे तो महादेव,
गजरा मंगावे,
फूला रा तो गजरा प्यारा,
लागे महादेव रे मिन्दर,
हालो पार्वता।।

पार्वता केवे ओ महादेव,
तांडव करे रे,
महादेव जी रा तांडव प्यारा,
लागे महादेवरे मिन्दर,
हालो पार्वता।।

भोला भंडारी थारी,
महिमा सुणावा,
माळी जोशना तो भजन,
गावे महादेवरे मिन्दर,
हालो पार्वता।।

मन मे महादेव जी,
ने दिल में पार्वता,
बीच में शंकर रो चेलो,
शंख बजावे,
बीच में शंकर रो चेलो,
बंसली बजावे,
बंसली री राग प्यारी,
लागे महादेव रे,
मिन्दर हालो पार्वता,
संखला री राग प्यारी,
लागे महादेव रे मेले,
हालो पार्वता।।

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