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मन बागा रो मोरियो तड़प रह्यो मन माय कृष्ण भजन लिरिक्स

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मन बागा रो मोरियो,
तड़प रह्यो मन माय,
याद कन्हैया की आवे,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

घायल की गति घायल जाने,
बेदर्दी के दर्द पिछाणे,
आँख लड़ाई कुबध कमाई,
मैं तड़पुं साँझ सकारे,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

दिन बीत्या कई रेन बिताई,
बैरन बन गई श्याम जुदाई,
अब तो आजा धीर बंधा जा,
क्यों प्रेम की बेल उजाड़े,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

तेरी जुदाई की तड़प सही मैं,
सुणसी मोहन सबर करी मैं,
इब के आसी सुख बरसासी,
क्यों प्रेम की बेल उजाड़े,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

झूठी तेरी प्रेम की पोथी,
निकली सारी बातां झूठी,
तू तो धणी है प्रेम गुणी है,
क्यों प्रीत को दर्द ना जाणे,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

म्हे तो सुणी हाँ प्रेम में गिरधर,
ना कोई मालिक ना कोई चाकर,
प्रेम सरोवर सगळा बरोबर,
क्यों नंदू इब रोक्या रे,

पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

मन बागा रो मोरियो,
तड़प रह्यो मन माय,
याद कन्हैया की आवे,
पीहू पीहू बोले रे पुकार,
मन बागा रो मोरियों,
तड़प रह्यो मन माय।।

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