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भगत बुलावे बेगा आवो रामा धनिया राजस्थानी भजन लिरिक्स

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भगत बुलावे बेगा,
आवो मारा धनिया,
आवो रामा धनिया,
नुगरा का सिर पे भाला,
की मारो अणीया।।

राग – आसावरी।

सत वाली डोर,
पवन वाली तानिया,
मेटो मारा आळ जाळ,
आप रेवो बनिया।।

ब्रह्म स्वरूपी दाता,
बंगलो जो बनियों,
दसों ओ दिसा में,
लंबो चौडा तनियो।।

अणि ओ बंगला में,
अलख जी री धुनिया,
बाली ओ भेष बताई,
मारा धनिया ओ जी।।

अणि ओ बंगला में,
एक तपसिडो तापे,
बिना ओ दीपक जठे,
होवे उजियारा ओ जी।।

पदम् गुरु जी माने,
परवानी मिलिया,
चरणा में राख उबारो,
मारा धनिया ओ जी।।

भगत बुलावे बेगा,
आवो मारा धनिया,
आवो रामा धनिया,
नुगरा का सिर पे भाला,
की मारो अणीया।।

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