बरसा दाता सुख बरसा आँगन आँगन सुख बरसा भजन लिरिक्स

गुरुदेव भजन बरसा दाता सुख बरसा आँगन आँगन सुख बरसा भजन लिरिक्स
Singer: Vicky D Parekh
तर्ज – तेरा मेरा प्यार अमर।

बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
चुन चुन कांटे नफरत के,
प्यार अमन के फूल खिला। ।

तन से कोई है दुखी,
मन से कोई है दुखी,
हे प्रभु दया करो,
सारा जहान हो सुखी,
हर पल मांगू यही दुआ,
आँगन आँगन सुख बरसा,
बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा। ।

झोलियाँ सुखो की तुम,
सबकी दाता भर ही दो,
सतगुरु जी तुम हमें,
सब्र और शुक्र भी दो,
सबके दुखो की तू है दया,
आँगन आँगन सुख बरसा,
बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा। ।

बेर क्लेश को मिटा,
दाता सकल संसार से,
नाम का स्मरण करे,
मिलके सारे प्यार से,
मानव से मानव हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
भाई से भाई हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
माँ से बेटा हो ना जुदा,
आँगन आँगन सुख बरसा। ।

बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
चुन चुन कांटे नफरत के,
प्यार अमन के फूल खिला। ।

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