Skip to content

बनवारी मेरी नैया को तुम भव से पार लगा जाओ फ़िल्मी तर्ज भजन लिरिक्स

  • by
0 753

बनवारी मेरी नैया को,
तुम भव से पार लगा जाओ,
पल भर की ना अब देर करो,
हे दीन दयाल आ जाओ,
बनवारी मेरी नईया को,
तुम भव से पार लगा जाओ।।

-तर्ज- – बाबुल की दुआएं।

नैया मेरी डगमग डोले,
कोई राह नज़र ना आती है,
धीरज अब खोये जाता हूँ,
ये लहरें मुझको डराती है,
कहीं डूब ना जाऊं बनवारी,
आकर के धीर बंधा जाओ,
बनवारी मेरी नईया को,
तुम भव से पार लगा जाओ।।

क्यों रूठ गया है तू मुझसे,
जो नज़रें नहीं मिलाता है,
गर कोई खता हुई मुझसे,
तो क्यों ना मुझे बताता है,
बेटी तेरी हूँ सांवरिया,
अब पिता का फ़र्ज़ निभा जाओ,
बनवारी मेरी नईया को,
तुम भव से पार लगा जाओ।।

आँखों से आंसू बह बह कर,
बस इक फरियाद करते है,
चरणों से दूर ना करना हमें,
इतनी सी बात कहते हैं,
‘आयोजिका’ तेरी पागल है,
इस पागल को अपना जाओ,
बनवारी मेरी नईया को,
तुम भव से पार लगा जाओ।।

बनवारी मेरी नैया को,
तुम भव से पार लगा जाओ,
पल भर की ना अब देर करो,
हे दीन दयाल आ जाओ,
बनवारी मेरी नईया को,
तुम भव से पार लगा जाओ।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.