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बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना भजन लिरिक्स

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मनीष तिवारी भजन बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना भजन लिरिक्स
Singer : Manish Tiwari

माता अंजनी के प्यारे,
श्री राम की आँख के तारे,
वीर बलि हनुमान तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

श्री राम दूत बन आया,
सीता का पता लगाया,
एक मुक्के में अक्षय को,
तुमने यम लोक पठाया,
लंका में आग लगाई,
लंकेश की शान घटाई,
तुम हो शक्ति की खान,
तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनूमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

लक्ष्मण को मुरछा आई,
तो घबराए रघुराई,
तुम चले उखाड़ गिरी को,
अद्भुत लीला दिखलाई,
लाए संजीवन बूटी,
लक्ष्मण की मुरछा टूटी,
मुर्दे में डाली जान,
तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनूमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

जब राम नज़र ना आए,
मोती सारे बिखराए,
तब लंकपति ने तुम पर,
तानो के तीर चलाए,
तुम चिर गये थे सीना,
पल भर भी देर करी ना,
सीने में सीता राम,
तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनूमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

तू अला बला को टाले,
तू खोले तकदीर के ताले,
उसका कोई क्या कर लेगा,
जिसको तू आप संभाले,
दुष्टो को मार भगाए,
जब तू अपनी पे आए,
‘नरसिंह’ करता गुण गान,
तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनूमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

माता अंजनी के प्यारे,
श्री राम की आँख के तारे,
वीर बलि हनुमान तुम्हारा क्या कहना,
बजरंगी हनुमान तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
तुम्हारा क्या कहना,
वीर बलि बलवान तुम्हारा क्या कहना।।

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