Skip to content

ना स्वर है ना सरगम है हनुमान जी भजन लिरिक्स

  • by
0 1949

भजन ना स्वर है ना सरगम है हनुमान जी भजन लिरिक्स
तर्ज – ऐ मेरे दिले नादाँ।
Song -Shree Shyam Daya Kar Do
Artist-Vijay Soni
Album-DJ To Laga Re Alishan Nachuli Thare Beyab Ke Madhe

ना स्वर है ना सरगम है,
ना लय न तराना है,
हनुमान के चरणो में,
एक फूल चढ़ाना है।।

तुम बाल समय में प्रभु,
सूरज को निगल डाले,
अभिमानी सुरपति के,
सब दर्प मसल डाले,
बजरंग हुए तब से,
संसार ने जाना है,
ना स्वर हैं न सरगम हैं,
ना लय न तराना है।।

सब दुर्ग ढ़हाकर के,
लंका को जलाए तुम,
सीता की खबर लाये,
लक्ष्मण को बचाये तुम,
प्रिय भरत सरिस तुमको,
श्री राम ने माना है,
ना स्वर हैं न सरगम हैं,
ना लय न तराना है।।

जब राम नाम तुमने,
पाया ना नगीने में,
तुम चीर दिए सीना,
सिया राम थे सीने में,
विस्मित जग ने देखा,
कपि राम दीवाना है,
ना स्वर हैं ना सरगम हैं,
ना लय न तराना है।।

हे अजर अमर स्वामी,
तुम हो अन्तर्यामी,
ये दीन हीन चंचल,
अभिमानी अज्ञानी,
तुमने जो नजर फेरी,
फिर कौन ठिकाना है,
ना स्वर हैं ना सरगम हैं,
ना लय न तराना है।।

ना स्वर है ना सरगम है,
ना लय न तराना है,
हनुमान के चरणो में,
एक फूल चढ़ाना है।।

Watch Music Video Bhajan Song :

Leave a Reply

Your email address will not be published.