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नर नारायण री देह बनाई भजन लिरिक्स

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नर नारायण री देह बनाई भजन लिरिक्स नर नारायण री देह बनाई भजन Nar Re Narayan Ri Deh Banai, prakash mali bhajan

 ।। दोहा ।।
 झूठे को झूठा मिले, दूंणा बंधे सनेह
झूठे को साँचा मिले तब ही टूटे नेह ॥

अरे नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।
अरे नुगरा मनक तो पशु बराबर।
उणरा संग मत करना जी।
राम भजन में हालो मेरा हंसा।
इण जग में जीना थोड़ा रे हा ,
नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।

अरे आड़ा वरण री गाया दुड़ाउ ,
एक बर्तन में लेणा जी। २
माथे माथे ने माखन लेना ,
बर्तन उजाला रखना जी।
राम भजन में हालो मेरा हंसा।
इण जग में जीना थोड़ा रे हा ,
नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।

अरे अगलो आवे अगन स्वरूपी ,
ओ जल स्वरूपी रेवणा जी।
झोलु आग अझोलू रेवणा।
ओजी सुन सुन वचन लेवणा जी। २
राम भजन में हालो मेरा हंसा।
इण जग में जीना थोड़ा रे हा ,
नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।

अरे कासी रे नगर में रेता कबीर सा।
वे कोरा धागा बुनता जी।
सारा संसारिया में धर्म चलायो।
वे गुरगुण माला फेरता जी।
राम भजन में हालो मेरा हंसा।
इण जग में जीना थोड़ा रे हा ,
नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।

अरे इण संसारिया में आवणो जावणो।
ओ बेर किसी मत रखना जी।
अरे केवे मालिक कबीर सा री लड़की।
ओ फिर जनम नहीं लेवणा जी।
राम भजन में हालो मेरा हंसा।
इण जग में जीना थोड़ा रे हा ,
नर रे नारायण री देह बनाई।
नुगरा कोई मत रेवणा जी।

Nar Re Narayan Ri Deh Banai Bhajan Text Hindi Lyrics 

भजन :- नर नारायण री देह बनाई
गायक :- प्रकाश माली

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