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दूल्हा बने रे नन्दलाल की रुक्मणि दुल्हन बनी कृष्ण भजन लिरिक्स

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दूल्हा बने रे नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

रुक्मणि पहनी है,
सतरंगी साड़ी,
पीताम्बर नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

रुक्मणि पहने है,
मोतियन माला,
दूल्हा बैजंती माल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

हीरा जड़ा हार है डाला,
ब्रज से आया है ये ग्वाला,
छाया आनंद अपार,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

रुक्मणि म्हारी प्यारी लागे,
दूल्हा लगे रे कमाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

दूल्हा बने रे नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी,
दुल्हन बनी दुल्हन बनी,
दूल्हा बने है नन्दलाल,
की रुक्मणि दुल्हन बनी।।

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