दुनिया है एक हकीकत पुरानी,

“”अपनी अपनी बोलियां,
सब बोल के उड़ जाएंगे,
हम बागबां है क्या करे,
देखते रह जाएंगे,
जाने वाले जाते यहाँ से,
वापस मिल ना पाएंगे,
रुकते नहीं है जाने वाले,
याद बहुत वो आएँगे।“”

दुनिया है एक हकीकत पुरानी,
चलते रहना है उसकी रवानी,
फर्ज पूरा करो बंदगी का,
फर्ज पूरा करो बंदगी का,
क्या भरोसा है इस जिंदगी का,
क्या भरोसा है इस जिंदगी का।।

क्या भरोसा हैं इस जिंदगी का,
साथ देती नहीं ये किसी का,
क्या भरोसा है इस जिंदगी का,
क्या भरोसा है इस जिंदगी का।।

Leave a Reply