दीवाने पी ले रे हरी नाम भजन लिरिक्स

दीवाने पी ले रे हरी नाम,

थारी कोड़ी लगे न च दाम रे,
थारी उमर बीती जाए रे,
दीवाने पी ले रे हरी नाम,
दीवाने पी ले रे हरी नाम।।

मीठा मीठा सब कोई पीवे,
कड़वा ना पीवे कोई,
मीठा मीठा सब कोई पीवे,
कड़वा ना पीवे कोई,
जो नर रे कड़वा पीवे रे,
धड़ पे शीश न होई,
दीवाने पी ले रे हरि नाम,
दीवाने पी ले रे हरी नाम।।

उजड़ खेड़ा फेर बसे रे,
निरधनियाँ धन होए,
उजड़ खेड़ा फेर बसे रे,
निरधनियाँ धन होए,
गया जो जोवन बावरा रे,
गया जो जोवन बावरा रे,
मरया ना जिन्दा होए,
दीवाने पी ले रे हरि नाम,
दीवाने पी ले रे हरी नाम।।

ध्रुव ने पीया प्रहलाद पीया,
पीया भगत रैदास,
ध्रुव ने पीया प्रहलाद पीया,
पीया भगत रैदास,
दास कबीरा ऐसा पीया,
दास कबीरा ऐसा पीया,
और ना पीवे कोई,
दीवाने पी ले रे हरि नाम,
दीवाने पी ले रे हरी नाम।।

थारी कोड़ी लगे न च दाम रे,
थारी उमर बीती जाए रे,
दीवाने पी ले रे हरी नाम,
दीवाने पी ले रे हरी नाम।।

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